8वें वेतन आयोग: ग्रेड-पे 1800 से 4600 तक की नेट सैलरी?

नई दिल्ली। केंद्रीय कर्मचारियों के लिए 8वें वेतन आयोग को लेकर उत्सुकता लगातार बढ़ती जा रही है। हर वेतन आयोग न सिर्फ वेतन संरचना बदलता है, बल्कि कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति, जीवनशैली और भविष्य की योजनाओं पर भी गहरा असर डालता है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि 8वें वेतन आयोग के लागू होने के बाद ग्रेड-पे 1800 से लेकर 4600 तक के कर्मचारियों की नेट सैलरी आखिर कितनी हो सकती है।

हालांकि सरकार की ओर से अभी तक 8वें वेतन आयोग को लेकर आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं हुई है, लेकिन संभावित फिटमेंट फैक्टर और मौजूदा भत्तों के आधार पर एक अनुमान जरूर लगाया जा सकता है। इसी अनुमान के आधार पर यह समझने की कोशिश की जा रही है कि कर्मचारियों को वास्तविक रूप से कितनी राहत मिल सकती है।

फिटमेंट फैक्टर और भत्तों का असर

अनुमानित गणना में फिटमेंट फैक्टर 1.92 को आधार माना गया है। यह वही तत्व है जो पुराने बेसिक वेतन को नए वेतन ढांचे में बदलने की कुंजी होता है। इसके साथ यह भी मान लिया गया है कि नया वेतन आयोग लागू होते ही महंगाई भत्ता शून्य हो जाएगा, क्योंकि DA को बेसिक वेतन में मर्ज कर दिया जाता है। इसके अलावा, बड़े शहरों यानी X कैटेगरी शहरों के लिए 30 प्रतिशत HRA और उच्च श्रेणी का ट्रांसपोर्ट अलाउंस शामिल किया गया है। कटौती के रूप में NPS, CGHS और जहां लागू हो वहां आयकर को जोड़ा गया है।

निचले ग्रेड-पे वालों को कितनी राहत?

अगर ग्रेड-पे 1800 की बात करें, तो मौजूदा बेसिक वेतन 18 हजार रुपये से बढ़कर लगभग 34,500 रुपये के आसपास पहुंच सकता है। सभी भत्तों और कटौतियों के बाद ऐसे कर्मचारियों की नेट सैलरी करीब 42 से 43 हजार रुपये तक पहुंचने का अनुमान है। यह मौजूदा वेतन की तुलना में एक बड़ा सुधार माना जाएगा।

ग्रेड-पे 1900 और 2000 पर कार्यरत कर्मचारियों की स्थिति भी काफी मजबूत होती दिख रही है। इन स्तरों पर नेट सैलरी 47 हजार से लेकर 53 हजार रुपये के बीच पहुंच सकती है। यह बढ़ोतरी खासतौर पर उन कर्मचारियों के लिए राहत भरी होगी, जो लंबे समय से महंगाई के दबाव को झेल रहे हैं।

मिड-लेवल कर्मचारियों की सैलरी

ग्रेड-पे 2400 और 2800 वाले कर्मचारियों के लिए 8वां वेतन आयोग और भी फायदेमंद साबित हो सकता है। अनुमान के मुताबिक, इन स्तरों पर नेट सैलरी 62 हजार से बढ़कर 70 हजार रुपये से ऊपर तक जा सकती है। यह वर्ग वह है, जिस पर पारिवारिक जिम्मेदारियां सबसे ज्यादा होती हैं, ऐसे में यह बढ़ोतरी उनकी आर्थिक स्थिरता को मजबूत करेगी।

ग्रेड-पे 4200 और 4600 वालों की तस्वीर

उच्च ग्रेड-पे की बात करें तो ग्रेड-पे 4200 वाले कर्मचारियों की नेट सैलरी 84 हजार रुपये के आसपास पहुंच सकती है। वहीं ग्रेड-पे 4600, जो लेवल-7 में आता है, वहां स्थिति और भी बेहतर दिखाई देती है। सभी भत्तों और आयकर कटौती के बाद भी नेट सैलरी लगभग एक लाख रुपये प्रति माह के करीब पहुंचने का अनुमान है। यह बदलाव केवल वेतन वृद्धि नहीं होगा, बल्कि यह सरकारी नौकरी को फिर से निजी क्षेत्र के मुकाबले मजबूत स्थिति में खड़ा कर सकता है।

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