दरअसल, डीए की गणना औद्योगिक श्रमिकों के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (AICPI-IW) के पिछले 12 महीनों के औसत के आधार पर होती है। इसके लिए एक निर्धारित सूत्र का इस्तेमाल किया जाता है, जिससे पता चलता है कि मौजूदा दर में कितनी वृद्धि की जाए।
5 प्रतिशत तक बढ़ सकता है डीए
विशेषज्ञों के अनुसार, अगर इस बार केंद्र सरकार महंगाई भत्ते में वृद्धि करती है तो मौजूदा 58% डीए बढ़कर 63 प्रतिशत तक पहुंच सकता है। ऑल इंडिया एनपीएस एम्प्लॉइज फेडरेशन के अध्यक्ष मंजीत सिंह पटेल का कहना है कि ताजा AICPI-IW डेटा के आधार पर पांच प्रतिशत की बढ़ोतरी पूरी तरह संभव है।
जनवरी 2026 से लागू होगी नई दर
केंद्र सरकार साल में दो बार महंगाई भत्ते में बदलाव करती है, जनवरी और जुलाई में। पिछली बार जुलाई 2025 में यह दर 55% से बढ़ाकर 58% की गई थी। इस बार का संशोधन जनवरी 2026 से लागू होने की संभावना है। महंगाई भत्ता कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को रोजमर्रा की कीमतों में बढ़ोतरी से होने वाले आर्थिक दबाव से राहत देने के लिए दिया जाता है। इससे वेतन और पेंशन की वास्तविक कीमत स्थिर रहती है।
सरकारी घोषणा का इंतजार
हालांकि अभी तक कोई आधिकारिक ऐलान नहीं हुआ है, लेकिन आंकड़े और विशेषज्ञों के अनुमान कर्मचारियों के लिए सकारात्मक संकेत दे रहे हैं। बजट के बाद सरकार के निर्णय के साथ लाखों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की जेब में सीधे लाभ पहुंचने की संभावना है।

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