पहले चरण में दी गई राशि और लाभार्थियों की संख्या
योजना के पहले चरण में ग्रामीण और शहरी इलाकों की करीब 1.56 करोड़ महिलाओं को 10 हजार रुपए की सहायता राशि दी जा चुकी है। इस राशि का उपयोग किस तरह हुआ, इसका आकलन भी किया जाएगा। ग्राम संगठन इस आकलन की जिम्मेदारी संभालेगा और रिपोर्ट ब्लॉक स्तर पर भेजेगा। इससे आगे की राशि जारी करने का निर्णय लिया जाएगा।
महिलाओं को दिए जाने वाले अगले फेज़ और राशि
योजना के तहत अब महिलाओं को पांच फेज़ में कुल 2 लाख रुपए तक की सहायता दी जाएगी। योजना का ढांचा इस प्रकार है:
दूसरा फेज: 20 हजार रुपए सरकार की ओर से, महिला को 5 हजार रुपए स्वयं जोड़कर रोजगार शुरू करना होगा।
तीसरा फेज: 40 हजार रुपए सरकार देगी, महिला को 10 हजार रुपए निवेश करना होगा।
चौथा फेज: 80 हजार रुपए सरकार की ओर से, महिला को 20 हजार रुपए अपनी ओर से लगाना होगा।
पांचवां फेज: व्यवसाय विस्तार के लिए मार्केटिंग, ब्रांडिंग और पैकेजिंग में 60 हजार रुपए दी जाएगी।
इस तरह एक महिला कुल मिलाकर 2 लाख रुपए तक की राशि एक साथ प्राप्त कर सकेगी।
व्यक्तिगत और समूह दोनों विकल्प
महिलाओं को राशि देने के लिए ग्रुप और व्यक्तिगत दो प्रकार के मानक तय किए गए हैं। अगर कई महिलाएं मिलकर व्यवसाय शुरू करना चाहती हैं, तो समूह के हिसाब से राशि तय की जाएगी। उदाहरण के लिए, दूसरे फेज में 10 महिलाएं मिलकर रोजगार शुरू करती हैं, तो प्रति महिला 20 हजार रुपए के हिसाब से समूह को कुल दो लाख रुपए दिए जाएंगे।
वहीं, यदि कोई महिला व्यक्तिगत रूप से बड़ा व्यवसाय करना चाहती है और उसे दो लाख रुपए तक की राशि एक बार में चाहिए, तो उसका प्रस्ताव जिला से स्टेट लेवल तक भेजा जाएगा। इसके बाद जीविका के सीईओ की अध्यक्षता वाली स्टेट कमेटी समीक्षा करके राशि जारी करेगी। सरकार का उद्देश्य महिलाओं को स्वावलंबी बनाना और स्वरोजगार बढ़ाना है। यह योजना न केवल उन्हें वित्तीय मदद देगी, बल्कि व्यवसाय शुरू करने, उसे बढ़ाने और मार्केट में स्थापित करने का अवसर भी प्रदान करेगी।
.png)
0 comments:
Post a Comment