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बिहार में बिछेगी 51KM लंबी नई रेल लाइन, इन जिलों को मिलेगी खुशखबरी!

पूर्णिया। बिहार में अब एक ऐतिहासिक बदलाव होने जा रहा है। जलालगढ़-किशनगंज नई रेल लाइन परियोजना को लेकर विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) रेलवे बोर्ड को भेज दी गई है। यह खबर सीमांचल क्षेत्र के लोगों के लिए एक बड़ी खुशखबरी साबित हो रही है। इस परियोजना से 51.632 किलोमीटर लंबी नई रेल लाइन बिछाई जाएगी, जो पूरे क्षेत्र के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

17 साल बाद सपना हुआ हकीकत

यह परियोजना लगभग 17 साल से लंबित थी, और 2008-09 से इस पर काम शुरू नहीं हो सका था। इस बीच, यह परियोजना सीमांचल क्षेत्रवासियों की सबसे बड़ी मांग बन गई थी। अब जब यह सपना हकीकत में बदलने जा रहा है, तो क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई है।

केंद्र सरकार का आभार

पूर्णिया के प्रसिद्ध सर्जन और भाजपा नेता डॉ. अनिल कुमार गुप्ता ने इस उपलब्धि पर खुशी व्यक्त की है और क्षेत्रवासियों को बधाई दी है। साथ ही, उन्होंने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार प्रकट किया, जिन्होंने इस परियोजना को मंजूरी दी।

नए स्टेशनों का निर्माण: क्षेत्रीय विकास

इस रेल रूट के तहत 8 नए रेलवे स्टेशन बनने जा रहे हैं, जिससे स्थानीय व्यापार और कृषि के लिए एक नया मार्ग खोलेगा। यह न केवल रोजगार के अवसर पैदा करेगा, बल्कि इन क्षेत्रों के विकास को भी तेज़ी से आगे बढ़ाएगा। उम्मीद जताई जा रही है की अगले बजट में इस परियोजना के लिए पर्याप्त धनराशि जारी की जाएगी और निर्माण कार्य शीघ्र शुरू होगा।

बिहार सरकार का बड़ा ऐलान: सभी शिक्षकों के लिए खुशखबरी

पटना। बिहार सरकार ने मंगलवार को राज्य के शिक्षकों के लिए एक अहम ऐलान किया है। शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने विधानसभा में कहा कि अब से सभी श्रेणी के शिक्षकों को एक समान आवासीय भत्ता (एचआरए) मिलेगा। यह कदम शिक्षकों के अधिकारों को सुनिश्चित करने और उन्हें बेहतर सुविधाएं प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

विसंगतियों को दूर करने की प्रक्रिया

शिक्षा मंत्री ने बताया कि राज्य में एचआरए से जुड़ी 90 प्रतिशत विसंगतियां पहले ही दूर कर ली गई हैं, और शेष 10 प्रतिशत मामलों को जल्द ही निपटा लिया जाएगा। इसके बाद राज्यभर में किसी भी शिक्षक को एचआरए के मामले में कोई भेदभाव नहीं होगा। यह घोषणा विधानसभा में अजय कुमार द्वारा पूछे गए प्रश्न के उत्तर में की गई।

क्या है एचआरए की विसंगति?

वर्तमान में कई नियोजित और विशिष्ट शिक्षकों को शहरी क्षेत्रों में एचआरए का लाभ नहीं मिल रहा है, जबकि बिहार गजट के अनुसार विशिष्ट शिक्षक और नियोजित शिक्षक को शहरी क्षेत्रों में 10 प्रतिशत और ग्रामीण क्षेत्रों में 5 प्रतिशत से 7.5 प्रतिशत तक एचआरए मिलना चाहिए। कई जिलों में एचआरए की विसंगति के कारण शिक्षकों को आर्थिक नुकसान हो रहा था। अब शिक्षा मंत्री ने यह सुनिश्चित किया है कि इन विसंगतियों को जल्द ही दूर किया जाएगा।

शिक्षकों को मिलेगा पूरा लाभ

शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने स्पष्ट किया कि सरकार के स्तर पर कोई भेदभाव नहीं होगा और सभी शिक्षक समान रूप से आवासीय भत्ता का लाभ उठाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले में शिक्षक और शिक्षकेतर कर्मियों के बीच वेतन विसंगतियों को दूर करने का काम काफी हद तक किया जा चुका है।

विशिष्ट शिक्षकों को मिलेगा लाभ

विधानसभा में जहानाबाद विधायक राहुल कुमार द्वारा उठाए गए एक सवाल पर शिक्षा मंत्री ने यह भी बताया कि विशिष्ट शिक्षकों को उनके प्रशिक्षित शिक्षक के रूप में किए गए कार्य की अवधि का लाभ उनकी सेवा की निरंतरता के तहत मिलेगा। मंत्री ने बताया कि इसके लिए नियमावली को वित्त विभाग की मंजूरी के लिए भेजा गया है।

भारत का फ्रांस से हथियार सौदा: अमेरिका-रूस पीछे, नई रणनीति का संकेत

नई दिल्ली। भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा हथियार खरीदार देश है, लेकिन पिछले दशक में देश की हथियार खरीद की रणनीति में बड़ा बदलाव आया है। पहले रूस और अमेरिका भारत के प्रमुख हथियार सप्लायर थे, लेकिन अब फ्रांस तेजी से सामने आ रहा है।

रूस और अमेरिका की हिस्सेदारी

SIPRI के अनुसार साल 2006 में भारत ने रूस से लगभग 1 बिलियन TIV और अमेरिका से 0.1 बिलियन TIV के हथियार खरीदे थे। 2010–2015 के बीच रूस का हिस्सा बढ़कर 4 बिलियन TIV तक गया, जबकि अमेरिका 1 बिलियन TIV तक ही रहा। फ्रांस का इसमें हिस्सा 2016 से शुरू हुआ और लगातार बढ़ रहा है।

2015–2024 की अवधि में भारत ने सबसे ज्यादा हथियार रूस से खरीदे, लेकिन हिस्सेदारी पहले की तुलना में घटकर 36% रह गई। जबकि फ्रांस ने 28% का हिस्सा हासिल किया, जबकि इजराइल 14% और अमेरिका चौथे नंबर पर रहा। अब फ्रांस की भागीदारी तेजी से बढ़ रही हैं।

फ्रांस क्यों भारत का पसंदीदा बन रहा है?

रूस-यूक्रेन युद्ध और अमेरिकी शर्तों ने भारत को वैकल्पिक सप्लायर की ओर बढ़ाया। रूस युद्ध में व्यस्त होने के कारण समय पर सप्लाई देने में असमर्थ था, जबकि अमेरिका ने कई शर्तें रखीं। इसके विपरीत फ्रांस ने बिना शर्त और टेक्नोलॉजी ट्रांसफर के साथ हथियार प्रदान करने का भरोसा दिया। यही कारण है कि भारत की खरीद सिर्फ व्यापारिक नहीं, बल्कि रणनीतिक बदलाव को दर्शाती है।

फ्रांस से अब तक ₹1.97 लाख करोड़ के सौदे

बीते दस साल में भारत ने फ्रांस से कई बड़े सौदे किए हैं:

36 राफेल लड़ाकू विमान: ₹58,891 करोड़

6 स्कॉर्पीन पनडुब्बियां: ₹36,000 करोड़

नेवी के लिए 26 मरीन राफेल और 3 स्कॉर्पीन पनडुब्बियां: ₹99,000 करोड़

राफेल और मिराज विमानों के लिए घातक मिसाइलें और रखरखाव: ₹3,200 करोड़ से अधिक

अब 114 राफेल विमानों की डील होनी वाली है: अब फ्रांस के साथ 114 राफेल विमानों की खरीद पर मुहर लगने वाली है। यह डील लगभग ₹3.25 लाख करोड़ की होगी। अगर इसे पिछले सौदों में जोड़ दिया जाए, तो भारत की फ्रांस से कुल हथियार खरीद 5.22 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो जाएगी।

T20 World Cup 2026: टी-20 वर्ल्ड कप का सबसे बड़ा उलटफेर, ऑस्ट्रेलिया बाहर

नई दिल्ली। टी20 वर्ल्ड कप 2026 से बड़ी खबर आ रही हैं। ताजा रिपोर्ट के मुताबिक ऑस्ट्रेलिया का सफर सुपर-8 तक नहीं पहुंच सका और टीम पहले ही राउंड से बाहर हो गई। यह टीम के लिए केवल दूसरा मौका है जब वह टी20 विश्व कप में ग्रुप स्टेज से ही बाहर हुई है; इससे पहले 2009 में ऐसा हुआ था।

बारिश ने बदल दी खेल की तस्वीर

टूर्नामेंट के 32वें मैच में जिम्बाब्वे और आयरलैंड आमने-सामने थे। इस मुकाबले में बारिश ने बड़ी बाधा डाली और मैच टॉस के बिना ही रद्द कर दिया गया। इस कारण जिम्बाब्वे को एक पॉइंट मिल गया, जिससे उसकी सुपर-8 की रेस मजबूत हो गई। वहीं, ऑस्ट्रेलिया अब सुपर-8 की दौड़ में टिक नहीं सका।

सुपर-8 में जगह बनाने का सपना टूट गया

ऑस्ट्रेलिया ने अब तक तीन मैच खेले हैं, जिनमें दो में उसे हार का सामना करना पड़ा। टीम के केवल दो पॉइंट्स हैं और आखिरी मैच में ओमान को हराने के बावजूद यह पॉइंट्स बढ़कर चार तक ही पहुंच पाएंगे। जबकि जिम्बाब्वे ने तीन मैचों में पांच पॉइंट्स हासिल कर सुपर-8 में अपनी जगह पक्की कर ली।

जिम्बाब्वे को डायरेक्ट क्वालीफाई का तोहफा

इस परिणाम के साथ ही जिम्बाब्वे ने न केवल सुपर-8 में जगह बनाई, बल्कि टी20 विश्व कप 2028 के लिए डायरेक्ट क्वालीफाई भी कर लिया है। यह टीम के लिए एक बड़ी उपलब्धि है और क्रिकेट जगत में इसे एक उलटफेर के रूप में देखा जा रहा है।

ऑस्ट्रेलिया के लिए बड़ा झटका

टी20 वर्ल्ड कप में ऑस्ट्रेलिया का पहले ही राउंड से बाहर होना टीम और फैंस दोनों के लिए आश्चर्यजनक है। सुपर-8 में जगह बनाने की उम्मीदें टूटीं, और अब टीम को अगले टूर्नामेंट में बेहतर प्रदर्शन की दिशा में काम करना होगा।

मांगलिक दोष? जानिए इसे दूर करने के 5 आसान उपाय!

डेस्क। मांगलिक दोष को ज्योतिष शास्त्र में विवाह और जीवन की बाधाओं से जोड़ा जाता है। यदि किसी व्यक्ति के कुंडली में मंगल ग्रह की स्थिति अशुभ होती है, तो इसे मांगलिक दोष कहा जाता है। हालांकि इस दोष से डरने की जरूरत नहीं है। सही उपाय और धार्मिक अनुष्ठान के माध्यम से इसे कम किया जा सकता है।

1. हनुमान जी की उपासना

हनुमान जी को मंगल ग्रह का नियंत्रक माना जाता है। हर मंगलवार हनुमान चालीसा या सुंदरकांड का पाठ करना लाभकारी होता है। मंदिर में बजरंगबली को सिंदूर, चोला और बूंदी का भोग अर्पित करना शुभ परिणाम देता है। इससे नकारात्मक ऊर्जा कम होती है और मानसिक शांति बढ़ती है।

2. मंगल बीज मंत्र का जाप

मंगल ग्रह की अशुभ स्थिति को शांत करने के लिए बीज मंत्र का जाप करना अत्यंत प्रभावशाली माना जाता है। प्रतिदिन ‘ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः’ मंत्र का 108 बार जाप करने से मंगल दोष का असर कम होता है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा आती है।

3. मंगलवार का व्रत और दान

मंगलवार को व्रत रखना और दान करना मांगलिक दोष शांति के लिए उपयोगी उपाय है। इस दिन लाल रंग की वस्तुएं जैसे लाल मसूर की दाल, लाल कपड़ा, गुड़ और तांबे के बर्तन का दान करना शुभ फल देता है। व्रत रखने से मन में संयम और आध्यात्मिक शक्ति बढ़ती है।

4. प्रतीकात्मक विवाह या पेड़ पूजा

यदि विवाह में बाधा आ रही है, तो वास्तविक विवाह से पहले प्रतीकात्मक विवाह करवाना लाभकारी होता है। इसे कुंभ विवाह या पीपल/केले के पेड़ से विवाह करके किया जाता है। यह रीतिविधान मांगलिक दोष से उत्पन्न बाधाओं को कम करने में मदद करता है।

5. महामृत्युंजय जाप और रुद्राभिषेक

भगवान शिव की आराधना से भी मंगल दोष शांत होता है। शिव मंदिर में नियमित रूप से रुद्राभिषेक करवाना या महामृत्युंजय मंत्र का जाप करना बहुत फलदायी होता है। इससे मानसिक संतुलन मिलता है और जीवन में आने वाली बाधाएं कम होती हैं।

सावधानी: उपायों का पालन नियमित और श्रद्धा पूर्वक करना चाहिए। किसी भी धार्मिक अनुष्ठान से पहले ज्योतिष या पुरोहित से सलाह लेना उचित रहेगा।

धरती पर अमृत हैं 'शहद', जानिए 7 बड़े फायदे!

हेल्थ डेस्क। शहद को सदियों से सिर्फ मिठास भर का नहीं बल्कि सेहत का अमृत माना जाता रहा है। प्राकृतिक रूप से उत्पन्न यह मीठा पदार्थ न केवल खाने में स्वाद बढ़ाता है, बल्कि स्वास्थ्य के कई क्षेत्रों में चमत्कारी लाभ भी देता है। आज हम जानेंगे शहद के 7 बड़े फायदे, जो आपकी सेहत को बेहतर बनाने में मदद कर सकते हैं।

1. प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाए

शहद में एंटीऑक्सीडेंट्स और एंटीबैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करते हैं। नियमित सेवन से सर्दी, खांसी और संक्रमण से लड़ने में मदद मिलती है।

2. ऊर्जा का प्राकृतिक स्रोत

शहद में प्राकृतिक शर्करा होती है, जो शरीर को तुरंत ऊर्जा प्रदान करती है। सुबह खाली पेट एक चमच शहद खाने से दिनभर ऊर्जा बनी रहती है।

3. पाचन शक्ति सुधारता है

शहद पाचन क्रिया को संतुलित रखता है और कब्ज जैसी समस्याओं को दूर करने में सहायक होता है। यह पेट के अच्छे बैक्टीरिया को भी बढ़ावा देता है।

4. घाव भरने में मददगार

शहद में एंटीसेप्टिक और एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं, जो कट या घाव को जल्दी भरने में मदद करते हैं। पुराने समय से शहद का इस्तेमाल जख्मों के उपचार में होता आया है।

5. त्वचा और बालों के लिए फायदेमंद

शहद न केवल खाने में बल्कि त्वचा और बालों में भी लाभकारी है। यह त्वचा को नर्म और मुलायम बनाता है, जबकि बालों को पोषण और चमक देता है।

6. हृदय स्वास्थ्य में सहायक

शहद का नियमित सेवन रक्त में कोलेस्ट्रॉल स्तर को नियंत्रित करने में मदद करता है और हृदय रोगों के जोखिम को कम कर सकता है।

7. नींद सुधारने में मदद

शहद में प्राकृतिक शर्करा और कई पोषक तत्व होते हैं, जो मस्तिष्क को आराम देते हैं। सोने से पहले शहद का सेवन नींद को बेहतर बनाने में सहायक होता है।

यूपी में 15 चौकीदार, शिक्षक और अन्य पदों के लिए भर्ती, आवेदन शुरू

संत कबीर नगर। उत्तर प्रदेश के कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में 2026 के अंतर्गत 15 चौकीदार, शिक्षक और अन्य पदों पर भर्ती के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। यह भर्ती स्नातक, बी.एड. या कक्षा 8वीं पास उम्मीदवारों के लिए है, जो ऑफलाइन आवेदन के माध्यम से इस अवसर का लाभ उठा सकते हैं। 

उम्मीदवारों के लिए आवेदन प्रक्रिया 14 फरवरी 2026 से शुरू हो चुकी है, जो 2 मार्च 2026 तक चलेगी। इच्छुक उम्मीदवार उत्तर प्रदेश कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट sknagar.nic.in  पर जाकर आवेदन कर सकते हैं।

पदों का विवरण और पात्रता

कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में कुल 15 पदों पर भर्ती की जा रही है, जिनमें चौकीदार, शिक्षक और अन्य संबंधित पद शामिल हैं। इस भर्ती के लिए उम्मीदवारों को निम्नलिखित पात्रता मानदंडों को पूरा करना होगा:

शिक्षक पद: संबंधित विषय में स्नातक डिग्री, एनसीटीई द्वारा मान्यता प्राप्त बी.एड/एलटी या उच्च प्राथमिक टीईटी।

शारीरिक शिक्षा शिक्षक: बीपीएड/सीपीएड/डीपीएड।

चौकीदार और अन्य पद: कक्षा 8वीं पास उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं।

आयु सीमा

आवेदन करने के लिए उम्मीदवार की आयु 1 अप्रैल 2026 को 25 से 45 वर्ष के बीच होनी चाहिए। अधिक जानकारी के लिए नोटिश देखें।

वेतनमान

इस भर्ती में चयनित उम्मीदवारों को 6,755 रुपये से लेकर 25,410 रुपये तक का मासिक वेतन मिलेगा, जो पद के अनुसार निर्धारित होगा।

आवेदन प्रक्रिया

उम्मीदवारों को ऑफलाइन आवेदन करना होगा। आप वेबसाइट sknagar.nic.in पर जा कर नोटिश को पढ़ें और निर्देशों का पालन करें। आवेदन में कोई भी त्रुटि होने पर उसे खारिज किया जा सकता है, इसलिए उम्मीदवारों से अनुरोध है कि वे आवेदन प्रक्रिया में सावधानी बरतें।

महत्वपूर्ण तिथियाँ

आवेदन की शुरुआत तिथि: 14 फरवरी 2026

आवेदन की अंतिम तिथि: 2 मार्च 2026

कल बनेंगे 2 सुपर-पावरफुल योग, इन 4 राशियों की किस्मत चमक जाएगी!

राशिफल। 18 फरवरी 2026 (बुधवार) को पंचांग के अनुसार दो विशेष और शक्तिशाली योग बन रहे हैं, जो जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं। ये योग हैं – शिव योग और सिद्ध योग। ज्योतिषियों के अनुसार, इन योगों का विशेष प्रभाव चार राशियों पर सबसे ज्यादा देखने को मिलेगा।

1. शिव योग

समय: सुबह से दोपहर 1:44 बजे तक

शिव योग का प्रभाव मानसिक शांति, साहस और आत्मविश्वास बढ़ाने वाला माना जाता है। यह योग नए काम की शुरुआत और पुराने मनोवैज्ञानिक तनाव से मुक्ति दिलाने में मदद करता है।

2. सिद्ध योग

समय: शिव योग के समाप्त होने के बाद अगले दिन तक

सिद्ध योग किसी भी योजना या लक्ष्य को पूरा करने में मदद करता है। व्यापार, शिक्षा और संपत्ति के मामलों में यह योग अत्यंत शुभ माना जाता है।

इन 4 राशियों के लिए विशेष लाभ

1. मेष राशि

मेष राशि वालों के लिए शिव योग नई ऊर्जा और साहस का संचार करेगा। नौकरी, व्यवसाय और व्यक्तिगत संबंधों में सफलता के नए रास्ते खुल सकते हैं।

2. कन्या राशि

कन्या राशि के जातकों के लिए सिद्ध योग बहुत शुभ रहेगा। लंबित कार्यों में सफलता, आर्थिक मामलों में सुधार और घर-परिवार के संबंध मजबूत होंगे।

3. धनु राशि

धनु राशि वाले कल के योगों से भाग्यशाली साबित होंगे। निवेश या व्यापार में फायदा हो सकता है और लंबित परियोजनाओं में प्रगति संभव है।

4. मीन राशि

मीन राशि वालों को शिव और सिद्ध योग दोनों का लाभ मिलेगा। मानसिक शांति और आत्मविश्वास बढ़ेगा। साथ ही, सामाजिक और व्यक्तिगत जीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेंगे।

बिहार सरकार का बड़ा ऐलान, अब खुले में नहीं बेच सकेंगे मांस

पटना। बिहार सरकार ने राज्य में मांस बिक्री को लेकर सख्त नियम लागू किए हैं। नगर विकास एवं आवास विकास विभाग ने स्पष्ट किया है कि अब खुले में मांस बेचना पूरी तरह बंद होगा। इस फैसले का उद्देश्य सार्वजनिक स्वास्थ्य बनाए रखना और बाजार में व्यवस्थित व्यवस्था सुनिश्चित करना है।

लाइसेंस अनिवार्य, नियमों का उल्लंघन भारी

नए नियमों के तहत, केवल लाइसेंसधारी ही मांस बेच सकेंगे। जिन दुकानदारों के पास लाइसेंस नहीं होगा, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और उन्हें 5,000 रुपये तक का जुर्माना भी भरना पड़ सकता है। मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि यह कदम सड़क किनारे और बाजार में खुले में मांस बिकने की समस्या को रोकने के लिए उठाया गया है।

दुकानों में नए मानक लागू

नियमों के अनुसार, लाइसेंसधारी दुकानदारों को अपनी दुकानों को शीशे या पर्दों से ढकना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही सड़क किनारे मांस लटकाकर या खुले में बिक्री पर पूरी तरह रोक है। दुकानों में काले शीशे लगाने का निर्देश भी दिया गया है ताकि बाहर से मांस दिखाई न दे।

संवेदनशील क्षेत्रों में दुकानों पर प्रतिबंध

सरकार ने स्पष्ट किया है कि स्कूल, धार्मिक स्थल या अन्य संवेदनशील क्षेत्रों के पास मांस की दुकान नहीं खोली जा सकेगी। नियमों का पालन न करने वाले दुकानदारों की दुकान बंद कर दी जाएगी और जुर्माना लगाया जाएगा। इसके अलावा, दुकानों से उत्पन्न अपशिष्ट को नगर निगम द्वारा उठाने योग्य बनाना भी अनिवार्य है, ताकि सार्वजनिक स्वास्थ्य पर कोई असर न पड़े।

बिहार में सरकारी जमीन की सूचना देने वालों को मिलेगा सम्मान

पटना। बिहार में सरकारी संपत्तियों और जमीन के मामलों को लेकर सरकार ने नया और सशक्त कदम उठाया है। उपमुख्यमंत्री एवं राजस्व और भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने हाल ही में विधान परिषद में बजट बहस के दौरान स्पष्ट किया कि राज्य में भूमि विवाद और अवैध कब्जों को खत्म करने के लिए अब निर्णायक कदम उठाए जाएंगे।

भू-माफियाओं पर सख्त नजर

सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे और भूमि विवाद को लेकर सरकार ने बड़े स्तर पर कार्रवाई शुरू करने की योजना बनाई है। इसके तहत राज्य के सभी सर्किलों में सक्रिय भूमाफियाओं की पहचान की जाएगी और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी। अंचलाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे हर सर्किल से कम से कम दो प्रमुख भूमाफियाओं की सूची तैयार करें और उनकी गतिविधियों पर नजर रखें।

सरकार का उद्देश्य न केवल सरकारी जमीन को अतिक्रमण से मुक्त करना है, बल्कि आम नागरिकों को भूमि विवाद के तनाव से राहत दिलाना भी है। इस योजना से राज्य में जमीन से जुड़े अपराधों और अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।

जागरूक नागरिकों को मिलेगा सम्मान

भारी प्रशासनिक निगरानी और जवाबदेही बढ़ाने के प्रयास के तहत सरकार ने एक नई पहल की भी घोषणा की है। अब जो भी नागरिक अपने इलाके में सरकारी जमीन की पहचान करने या किसी अतिक्रमण की जानकारी प्रशासन को देंगे, उन्हें विशेष समारोह में सम्मानित किया जाएगा। इस कदम का उद्देश्य जनता को प्रशासन के साथ जोड़ना और स्थानीय स्तर पर सरकारी जमीन की सुरक्षा को मजबूत करना है।

उपमुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जिन अंचलों से भूमि विवाद की शिकायतें सबसे अधिक आएंगी, वे स्वयं जाकर स्थिति का जायजा लेंगे और ऑन-द-स्पॉट समाधान सुनिश्चित करेंगे। यह पहल न केवल भूमि विवाद को कम करने की दिशा में है, बल्कि प्रशासनिक जवाबदेही और पारदर्शिता बढ़ाने का भी महत्वपूर्ण कदम है।

कल बुध का ग्रह प्रभाव: इन 5 राशियों पर पड़ेगा शुभ असर

राशिफल। कल, बुध ग्रह अपने प्रभाव से कई राशियों पर विशेष प्रभाव डालने वाला है। ज्योतिषियों का मानना है कि बुध का यह संयोग कुछ राशियों के लिए शुभ परिणाम और लाभकारी अवसर लेकर आएगा। इस दौरान इन राशियों के व्यक्तियों को आर्थिक, व्यवसायिक और सामाजिक मोर्चे पर सकारात्मक बदलाव का अनुभव हो सकता है।

5 राशियों पर विशेष लाभ

ज्योतिषियों के अनुसार, कल बुध के प्रभाव से मेष, वृष, कन्या, तुला और मकर राशियों के लिए समय अनुकूल रहेगा। इन राशियों के लोग नए अवसरों का लाभ उठा सकेंगे और पुराने मामलों में सफलता हासिल कर सकते हैं।

तुला राशि: मित्र और समाज से सहयोग मिलेगा। यात्रा और नए संपर्कों से लाभ हो सकता है।

मेष राशि: पेशेवर कामकाज में मन मुताबिक परिणाम मिलेंगे। निवेश और कारोबार में लाभ के संकेत हैं।

वृष राशि: परिवार और स्वास्थ्य के मामले में संतुलन बना रहेगा। जीवनसाथी और संबंधों में सुधार संभव है।

मकर राशि: वित्तीय मामलों में सुधार होगा। पैसों से जुड़े मामलों में सफलता और लाभ की संभावना अधिक है।

कन्या राशि: शिक्षा और नौकरी से जुड़े मामलों में सफलता मिलने की संभावना है। नई जिम्मेदारियाँ मिलने से करियर में तरक्की के अवसर बनेंगे।

ध्यान देने योग्य बातें

ज्योतिषियों ने चेतावनी दी है कि लाभकारी समय का अधिकतम फायदा उठाने के लिए सकारात्मक सोच और सावधानी जरूरी है। धन और संपत्ति से जुड़े मामलों में जल्दबाजी न करें और हर निर्णय सोच-समझकर लें।

यूपी में इन कर्मचारियों को खुशखबरी, सरकार देगी होली प्रोत्साहन राशि

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में होली पर्व के दौरान राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) के कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। इस वर्ष होली दो और चार मार्च को मनाई जाएगी। यात्रियों की भीड़ को ध्यान में रखते हुए निगम ने 28 फरवरी से 9 मार्च तक होली स्पेशल बस सेवाएँ चलाने की घोषणा की है। इस अवधि में कर्मचारियों को विशेष प्रोत्साहन राशि देने की योजना भी लागू होगी।

प्रबंध निदेशक के आदेश

निगम के प्रबंध निदेशक प्रभु एन. सिंह ने आदेश जारी कर निर्देश दिए हैं कि इस दौरान सभी अधिकारी, संविदा और आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को ड्यूटी पर उपस्थित रहना अनिवार्य होगा। केवल मृत्यु या गंभीर बीमारी जैसी अतिविशिष्ट परिस्थितियों में ही छुट्टी दी जाएगी। इस अवधि में कर्मचारियों को बस संचालन, परिचालन और कार्यशाला से जुड़े सभी कार्यों में लगे रहना होगा।

प्रोत्साहन योजना

निगम ने प्रोत्साहन योजना के तहत निम्नलिखित प्रावधान किए हैं:

1 .चालक/परिचालक जो न्यूनतम 9 दिन ड्यूटी करेंगे और औसतन 300 किलोमीटर प्रतिदिन चलाएँगे, उन्हें 400 रुपये प्रतिदिन दर से कुल 3600 रुपये प्रोत्साहन मिलेगा।

2 .यदि कर्मचारी पूरे 10 दिन लगातार ड्यूटी करें और मानक किलोमीटर पूरा करें, तो उन्हें 450 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से कुल 4500 रुपये दिए जाएंगे।

3 .संविदा और आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को भी निर्धारित मानक से अधिक किलोमीटर चलाने पर 55 पैसे प्रति अतिरिक्त किलोमीटर के हिसाब से अतिरिक्त मानदेय मिलेगा।

4 .आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए भी अलग प्रोत्साहन राशि निर्धारित की गई है। 10 दिन लगातार ड्यूटी करने वाले डिपो/क्षेत्रीय कार्यशाला में तैनात कर्मचारी 2100 रुपये प्राप्त करेंगे, जबकि 9 दिन ड्यूटी करने वाले 1800 रुपये के हकदार होंगे।

उत्कृष्ट कार्य के लिए विशेष प्रोत्साहन

निगम ने क्षेत्रीय और डिपो स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कर्मचारियों के लिए अतिरिक्त धनराशि का प्रावधान भी किया है।

1 .क्षेत्रीय प्रबंधक को 10,000 रुपये और सेवा प्रबंधक को 5,000 रुपये की स्वीकृति दी गई है, जिन्हें उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कर्मचारियों में वितरित किया जाएगा।

2 .चिन्हित बस स्टेशनों पर कार्यरत कर्मचारियों और पर्यवेक्षकों के ठहरने और भोजन की व्यवस्था के लिए 1,00,000 रुपये की राशि मंजूर की गई है।

3 .प्रोत्साहन अवधि में प्रदेश स्तर पर सर्वाधिक आय अर्जित करने वाले तीन क्षेत्रों के क्षेत्रीय प्रबंधक, सेवा प्रबंधक और 10 डिपो के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक को प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा।

यूपी से खुशखबरी: सभी जिलों में दो-दो कम्पोजिट स्कूल खुलेंगे

लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा के हालिया सत्र में जहां कार्यपालिका और जनप्रतिनिधियों के संबंधों को लेकर तीखी बहस देखने को मिली, वहीं राज्य की शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी एक बड़ी घोषणा ने सकारात्मक संदेश भी दिया। प्रदेश के बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने सदन में ऐलान किया कि राज्य के हर जिले में दो-दो आधुनिक कम्पोजिट स्कूल स्थापित किए जाएंगे।

क्या है कम्पोजिट स्कूल योजना?

कम्पोजिट स्कूल ऐसे शिक्षण संस्थान होते हैं, जहां प्राथमिक से लेकर उच्च स्तर तक की कक्षाएं एक ही परिसर में संचालित होती हैं। इससे छात्रों को बेहतर बुनियादी ढांचा, निरंतर शैक्षणिक वातावरण और समग्र विकास का अवसर मिलता है।

सरकार की योजना के मुताबिक:

प्रत्येक जिले में दो स्कूल स्थापित किए जाएंगे।

हर स्कूल पर लगभग 25 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

इनमें निजी स्कूलों जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

इन स्कूलों में स्मार्ट क्लासरूम, विज्ञान एवं कंप्यूटर लैब, खेल मैदान, पुस्तकालय और अन्य आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था का दावा किया गया है।

शिक्षा सुधार की दिशा में बड़ा कदम

राज्य सरकार का दावा है कि नए कम्पोजिट स्कूलों से सरकारी शिक्षा व्यवस्था की छवि बदलेगी। अब तक अभिभावकों का झुकाव निजी स्कूलों की ओर रहा है, लेकिन यदि सरकारी संस्थानों में समान सुविधाएं उपलब्ध होंगी, तो ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के छात्रों को बेहतर विकल्प मिल सकेगा।

जानकारों का मानना है कि यदि योजना को समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से लागू किया गया, तो यह शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा बदलाव ला सकती है। इससे न केवल बुनियादी ढांचे में सुधार होगा, बल्कि शिक्षकों की गुणवत्ता और छात्र-शिक्षक अनुपात पर भी सकारात्मक असर पड़ेगा।

सोना-चांदी में जबरदस्त गिरावट, बाजार में मचा हड़कंप!

नई दिल्ली। देश के सर्राफा बाजार में आज सुबह बड़ी हलचल देखने को मिली। कीमती धातुओं के दामों में आई तेज गिरावट ने निवेशकों से लेकर आम ग्राहकों तक सभी को चौंका दिया है। 17 फरवरी 2026 को कारोबार की शुरुआत के साथ ही सोने और चांदी दोनों की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई है, जिससे बाजार में असमंजस की स्थिति बन गई है।

ताजा आंकड़ों के अनुसार, सोना ₹3,292 (करीब 2.13%) टूटकर ₹1,51,468 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है। वहीं चांदी में और भी बड़ी गिरावट देखने को मिली है। चांदी ₹9,035 (लगभग 3.77%) गिरकर ₹2,30,296 प्रति किलोग्राम के आसपास कारोबार कर रही है।

गिरावट की बड़ी वजह क्या है?

बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव, डॉलर की मजबूती और निवेशकों द्वारा मुनाफावसूली के कारण कीमती धातुओं पर दबाव बना है। इसके अलावा वैश्विक आर्थिक संकेतकों में बदलाव भी निवेशकों के रुख को प्रभावित कर रहे हैं। दरअसल, जब भी सोना रिकॉर्ड स्तर के करीब पहुंचता है, तो बड़े निवेशक मुनाफा निकालना शुरू कर देते हैं। यही कारण है कि अचानक कीमतों में तेज गिरावट देखने को मिलती है।

आज 22 कैरेट और 24 कैरेट सोने का भाव

24 कैरेट सोना: लगभग ₹1,51,000 प्रति 10 ग्राम के आसपास

22 कैरेट सोना: ₹1,38,000–₹1,40,000 प्रति 10 ग्राम के दायरे में ट्रेड कर सकता है (स्थानीय टैक्स और मेकिंग चार्ज अलग) (अंतिम कीमतें शहर और ज्वेलर के अनुसार अलग-अलग हो सकती हैं।)

क्या गिरावट जारी रह सकती है?

बाजार विश्लेषकों का मानना है कि यदि वैश्विक बाजार में अनिश्चितता बनी रहती है और निवेशक जोखिम वाली परिसंपत्तियों की ओर रुख करते हैं, तो सोने पर और दबाव बन सकता है। लेकिन भू-राजनीतिक तनाव या आर्थिक अस्थिरता बढ़ने की स्थिति में सोना फिर से तेजी पकड़ सकता है, लेकिन स्थिति कुछ भी हो सकती हैं।

यूपी में बनेगा 69 KM लंबा सड़क, 3 जिलों को बड़ी खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सड़क ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक अहम परियोजना को मंजूरी मिल गई है। राजधानी लखनऊ के चिनहट क्षेत्र से शुरू होकर बाराबंकी और सीतापुर की ओर जाने वाला करीब 69 किलोमीटर लंबा राजमार्ग विकसित किया जाएगा।

यह परियोजना खास तौर पर लखनऊ, बाराबंकी और सीतापुर के बीच तेज और सुगम आवागमन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से तैयार की गई है। सड़क संपर्क मजबूत होने से व्यापार, परिवहन और निवेश की संभावनाएं बढ़ेंगी। तीन जिलों के बीच बेहतर तालमेल से क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी और लोगों की यात्रा सुगम होगी।

तीन चरणों में होगा फोरलेन विकास

पूरे मार्ग को चरणबद्ध तरीके से फोरलेन में बदला जाएगा। भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया कई हिस्सों में आगे बढ़ चुकी है। देवा औद्योगिक क्षेत्र और फतेहपुर तहसील को जोड़ते हुए यह सड़क आगे चलकर महमूदाबाद (सीतापुर) तक पहुंचेगी, जिससे घाघरा नदी के तटवर्ती इलाकों की कनेक्टिविटी मजबूत होगी। परियोजना के तहत कुछ हिस्सों में मौजूदा सड़क का चौड़ीकरण किया जाएगा, जबकि जरूरत के अनुसार नए सेक्शन भी बनाए जाएंगे।

बाइपास और नए पुलों का निर्माण

योजना में भीड़भाड़ वाले कस्बों को जाम से राहत दिलाने के लिए तीन बाइपास शामिल किए गए हैं। विशुनपुर और फतेहपुर में रेलवे क्रॉसिंग व बाजार क्षेत्र के पास अलग मार्ग तैयार किया जाएगा। इसके अलावा कल्याणी नदी और शारदा सहायक नहर पर नए पुलों का निर्माण प्रस्तावित है, जिससे वर्षा या बाढ़ के समय भी यातायात प्रभावित न हो।

लखनऊ के ट्रैफिक पर पड़ेगा असर

राजधानी में प्रवेश और निकास के लिए यह मार्ग वैकल्पिक रूट के रूप में काम करेगा। भारी वाहनों को शहर के भीतर से गुजरने की आवश्यकता कम होगी, जिससे जाम की समस्या में राहत मिल सकती है। किसान पथ और अन्य प्रमुख मार्गों से जुड़कर यह सड़क पूर्वी और उत्तरी जिलों तक सीधी पहुंच उपलब्ध कराएगी।

क्षेत्रीय विकास को मिलेगी गति

परियोजना पूरी होने पर लखनऊ, बाराबंकी और सीतापुर के बीच यात्रा समय कम होगा। बेहतर सड़क संपर्क से व्यापारिक गतिविधियां बढ़ेंगी, औद्योगिक निवेश को बढ़ावा मिलेगा और ग्रामीण क्षेत्रों को बड़े बाजारों से जुड़ने का अवसर मिलेगा। 69 किलोमीटर लंबा यह प्रस्तावित राजमार्ग सिर्फ एक सड़क नहीं, बल्कि तीन जिलों के लिए विकास की नई राह साबित हो सकता है।

यूपीवासियों के लिए खुशखबरी! अब पूर्वांचल से सीधे जुड़ेगा बुंदेलखंड

न्यूज डेस्क। उत्तर प्रदेश में सड़क ढांचे को और मजबूत करने की दिशा में बड़ा निर्णय लिया गया है। राज्य सरकार ने बरेली से लेकर ललितपुर तक एक लंबा परिवहन गलियारा विकसित करने की योजना को आगे बढ़ाया है। इस पहल का मकसद प्रदेश के पूर्वी हिस्से को बुंदेलखंड क्षेत्र से बेहतर तरीके से जोड़ना है, ताकि आवागमन तेज और सुगम हो सके।

यह परियोजना केवल एक सड़क निर्माण योजना नहीं है, बल्कि पूरे प्रदेश के यातायात मानचित्र को बदलने की तैयारी है। पूर्वांचल और बुंदेलखंड के बीच सीधा संपर्क बनने से उत्तर प्रदेश की भौगोलिक दूरी घटेगी और विकास की रफ्तार बढ़ेगी।

किन शहरों को मिलेगा सीधा लाभ?

प्रस्तावित कॉरिडोर बरेली, आगरा और झांसी जैसे महत्वपूर्ण शहरों को जोड़ते हुए ललितपुर तक पहुंचेगा। इससे बुंदेलखंड क्षेत्र सीधे प्रदेश के उत्तरी और पूर्वी जिलों से कनेक्ट हो सकेगा। योजना के तहत जहां पहले से चौड़ी सड़कें मौजूद हैं, उन्हें और उन्नत बनाया जाएगा, जबकि जरूरत वाले हिस्सों में नए निर्माण कार्य किए जाएंगे। इससे यात्रा का समय घटेगा और लंबी दूरी की आवाजाही अधिक सुविधाजनक बनेगी।

एक्सप्रेसवे नेटवर्क बनेगा और मजबूत

प्रदेश में पहले से विकसित हो रहे बड़े एक्सप्रेसवे इस नए कॉरिडोर से जुड़ेंगे। इसका परिणाम यह होगा कि उत्तर प्रदेश में एक ऐसा सड़क नेटवर्क तैयार होगा, जिसमें पूरब से लेकर पश्चिम और बुंदेलखंड तक निर्बाध संपर्क संभव होगा। जब अलग-अलग मार्ग एक-दूसरे से जुड़ेंगे, तो भारी वाहनों की आवाजाही आसान होगी और औद्योगिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।

आर्थिक गतिविधियों को मिलेगी रफ्तार

बेहतर कनेक्टिविटी का सीधा फायदा व्यापार, कृषि और छोटे उद्योगों को मिलेगा। बुंदेलखंड जैसे क्षेत्रों में निवेश के अवसर बढ़ सकते हैं। माल ढुलाई की लागत कम होने से स्थानीय उत्पादों को बड़े बाजारों तक पहुंचाना आसान होगा। इसके साथ ही निर्माण कार्यों के दौरान स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।

इस संदर्भ में बजट और भविष्य की योजना

इस नए कॉरिडोर के निर्माण के लिए करीब 7 हजार करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले वर्षों में प्रदेश के सभी प्रमुख राजमार्गों और एक्सप्रेसवे को एक साझा नेटवर्क में जोड़ा जाए।

भारत की नई रणनीति ने मचाई हलचल, चीन की नींद उड़ाई!

नई दिल्ली। पूर्वोत्तर भारत में सुरक्षा ढांचे को नई मजबूती देते हुए केंद्र सरकार ने एक अहम कदम उठाया है। चीन से सटी वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) के नजदीक असम में राष्ट्रीय राजमार्ग के एक हिस्से को इस तरह विकसित किया गया है कि जरूरत पड़ने पर वह पूरी तरह हवाई पट्टी की तरह इस्तेमाल किया जा सके। यह बदलाव सिर्फ निर्माण परियोजना नहीं, बल्कि रणनीतिक तैयारी का हिस्सा है। इससे साफ संकेत मिलता है कि पूर्वोत्तर क्षेत्र को सुरक्षा दृष्टि से प्राथमिकता दी जा रही है।

क्या खास है इस नई एयर स्ट्रिप में?

असम के मोरान इलाके में तैयार यह विशेष हवाई पट्टी लगभग 4 किलोमीटर से अधिक लंबी है। इसकी स्थिति ऐसी जगह पर है, जहां से चीन सीमा तक तेजी से पहुंचा जा सकता है। यही नहीं, यह म्यांमार की दिशा में भी सामरिक दृष्टि से उपयोगी है। 1962 के युद्ध के दौरान जिन बुनियादी कमियों ने भारत को मुश्किल में डाला था, अब उन्हीं क्षेत्रों में मजबूत सड़क और एयर कनेक्टिविटी विकसित की जा रही है।

किसने किया है इसका निर्माण?

इस परियोजना को National Highways & Infrastructure Development Corporation Limited ने भारतीय वायुसेना के साथ मिलकर तैयार किया है। सामान्य दिनों में यह सड़क की तरह उपयोग होगी, लेकिन आपात स्थिति में इसे तुरंत रनवे में बदला जा सकता है।

कौन-कौन से विमान उतर सकते हैं?

यह हवाई पट्टी हल्के और भारी दोनों प्रकार के विमानों के संचालन के लिए सक्षम है। यहां आधुनिक लड़ाकू विमानों से लेकर बड़े सैन्य परिवहन विमान तक लैंडिंग और टेकऑफ कर सकते हैं। इसमें Rafale, Tejas, और Sukhoi Su-30MKI जैसे फाइटर जेट्स शामिल हैं। वहीं भारी उपकरण और सैनिकों की तैनाती के लिए C-17 Globemaster III और C-130J Super Hercules जैसे बड़े विमान भी यहां उतर सकते हैं।

रणनीतिक बढ़त क्यों मानी जा रही है?

चीन ने अपनी ओर सीमा के पास एयरबेस और इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया है। ऐसे में भारत की यह पहल संतुलन बनाने की दिशा में बड़ा कदम है। जरूरत पड़ने पर कुछ ही घंटों में जवानों और संसाधनों को अग्रिम मोर्चे तक पहुंचाया जा सकेगा।

यूपी में शराब प्रेमियों के लिए बुरी खबर, 1 अप्रैल से नई रेट लागू

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में शराब प्रेमियों के लिए महंगी शराब का समय आ गया है। राज्य सरकार ने साल 2026-27 के लिए नई आबकारी नीति को मंजूरी दे दी है, जिसका उद्देश्य आबकारी विभाग के लिए 71,278 करोड़ रुपये का राजस्व लक्ष्य हासिल करना है। 

वहीं, प्रदेश में शराब की दुकानों, मॉडल शॉप्स और भांग की दुकानों की लाइसेंस फीस में 7.5% से 10% तक की वृद्धि की गई है। इसके साथ ही दुकानदारों को अधिक मिनिमम गारंटीड रेवेन्यू (MGR) देना होगा। जिसके कारण वह ग्राहकों से बढ़ी हुई कीमतों के जरिए वसूल करेंगे।

नई कीमतें कब से लागू होंगी

नई आबकारी नीति 1 अप्रैल 2026 से पूरे प्रदेश में लागू होगी। यानी नए वित्त वर्ष की शुरुआत से शराब की कीमतें पहले से अधिक हो जाएंगी, जबकि 31 मार्च तक पुराने रेट्स ही प्रभावी रहेंगे।

शराब के दामों में वृद्धि

देसी शराब: देसी शराब की कीमत में प्रति बोतल 5 से 8 रुपये तक का इजाफा किया गया है। उदाहरण के लिए, 36% तीव्रता वाली देसी शराब अब 173 रुपये में बिकेगी, जो पहले 165 रुपये में मिलती थी।

अंग्रेजी शराब: नई नीति के तहत उत्तर प्रदेश में ब्रांड के अनुसार अंग्रेजी शराब की कीमतें 10 से 40 रुपये प्रति बोतल तक बढ़ सकती हैं।

बीयर: बीयर पर भी 7.5% तक की ड्यूटी और लाइसेंस फीस बढ़ाई गई है, जिससे कैन और बोतलों की कीमतों में भी उछाल देखने को मिलेगा।

नई 100ml मिनी बोतल: सरकार ने पहली बार 100ml की मिनी बोतल बाजार में पेश करने का निर्णय लिया है, .इस मिनी पैक की कीमत 50 रुपये तय की गई है और इसका उद्देश्य अवैध शराब की बिक्री को रोकना और कम मात्रा में शराब चाहने वाले उपभोक्ताओं के लिए विकल्प प्रदान करना है।

बिहार में अब CTET से शिक्षक भर्ती: प्रक्रिया और नए नियम

पटना। बिहार के युवाओं के लिए बड़ी खबर है। ताजा रिपोर्ट के मुताबिक राज्य में प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षक पदों पर भर्ती अब राज्य स्तरीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) के बजाय सीबीएसई द्वारा आयोजित केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (CTET) के माध्यम से होगी। शिक्षा विभाग ने इस बदलाव की घोषणा की है, जिससे टीचर बनने की प्रक्रिया में पारदर्शिता और आसान पहुँच सुनिश्चित होगी।

TET का अंत और CTET का रोल

अब बिहार में बीएसईबी द्वारा आयोजित होने वाली राज्य स्तरीय टीईटी परीक्षा पूरी तरह से समाप्त कर दी गई है। पिछली बार भी इस परीक्षा का आयोजन नियमित रूप से नहीं हो रहा था। इसके बजाय, अब राज्य में शिक्षक बनने के इच्छुक उम्मीदवार प्रतिवर्ष आयोजित CTET परीक्षा में सफल होने पर ही भर्ती प्रक्रिया में शामिल होंगे।

किस पेपर से किस कक्षा में टीचर होंगे योग्य

नए नियमों के अनुसार, प्राथमिक विद्यालय (कक्षा 1 से 5) में शिक्षक बनने के लिए उम्मीदवारों का CTET पेपर 1 में उत्तीर्ण होना अनिवार्य होगा। वहीं उच्च प्राथमिक विद्यालय (कक्षा 6 से 8) में शिक्षक बनने के लिए CTET पेपर 2 में पास होना आवश्यक होगा। यह स्पष्ट रूप से शिक्षकों की योग्यताओं को मानकीकृत करने और भर्ती प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने के लिए किया गया कदम है।

बिहार शिक्षा विभाग द्वारा यह फैसला क्यों लिया गया

शिक्षा विभाग का कहना है कि CTET परीक्षा का आयोजन केंद्र स्तर पर प्रतिवर्ष होता है और इसमें प्रतिभागियों की संख्या पर्याप्त रहती है। इसलिए राज्य स्तरीय टीईटी आयोजित करने का कोई औचित्य नहीं बचा। इस बदलाव से उम्मीदवारों को केवल एक मान्यता प्राप्त परीक्षा में क्वालीफाई होने की आवश्यकता होगी, जिससे समय और संसाधनों की बचत भी होगी।

बंगाल में खिलेगा कमल? PM मोदी करेंगे शक्ति प्रदर्शन

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही राजनीतिक गतिविधियां बढ़ गई हैं। भारतीय जनता पार्टी (BJP) राज्य में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए सक्रिय हो गई है। इसी कड़ी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जल्द ही कोलकाता के ब्रिगेड मैदान में बड़ी रैली को संबोधित करेंगे।

पीएम मोदी की रैली

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार भाजपा मार्च में ब्रिगेड रैली को मुख्य आकर्षण बनाने की योजना बना रही है। उससे पहले दक्षिण बंगाल के कई इलाकों में रथ यात्राएं निकाली जाएंगी, जो अंततः मुख्य रैली से जुड़ेंगी। पार्टी का मकसद संगठन को मजबूत करना और विधानसभा चुनाव 2026 में बेहतर प्रदर्शन करना है।

तृणमूल कांग्रेस की प्रतिक्रिया

भाजपा के इस अभियान पर तृणमूल कांग्रेस ने प्रतिक्रिया दी है। पार्टी का कहना है कि बसों में भरकर लाए गए लोग और रैलियां ही चुनाव नहीं जीततीं, बल्कि जनता विकास और कामकाज के आधार पर मतदान करती है।

भाजपा का साफ है रणनीति 

भाजपा का उद्देश्य है कि परीक्षा और अन्य कार्यक्रम समाप्त होने के बाद मार्च के पहले हफ्ते से बड़े पैमाने पर जनसभाएं आयोजित की जाएं। फरवरी के बाद प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और राष्ट्रीय अध्यक्ष समेत कई बड़े नेता राज्य का दौरा करेंगे। पार्टी का लक्ष्य 2026 के विधानसभा चुनाव में बेहतर परिणाम सुनिश्चित करना है।

भाजपा के लिए बंगाल है बड़ी चुनौती

भाजपा के लिए बंगाल हमेशा चुनौतीपूर्ण रहा है। 2019 में लोकसभा चुनाव में 18 सीटों पर जीत मिली थी, लेकिन 2021 के विधानसभा चुनाव में केवल 77 सीटों पर सफलता मिली। इस बार पार्टी संगठन को फिर से सक्रिय कर 2026 में जीत की तैयारी कर रही है। प्रधानमंत्री मोदी ने हाल ही में अपने दौरे में विकास योजनाओं और रक्षा तैयारियों पर भी जोर दिया। भाजपा इन मुद्दों को चुनावी प्रचार में उठाकर राज्य में अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज करने की रणनीति बना रही है।

बंपर वैकेंसी अलर्ट! इन 3 बैंकों में खुली हैं हजारों भर्तियां, युवाओं की बल्ले-बल्ले

नई दिल्ली। भारत के तीन प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्रीय बैंकों ने 2026 के लिए बड़ी भर्तियों का ऐलान किया है। इस भर्ती के जरिए योग्य उम्मीदवार बैंकिंग क्षेत्र में अपने करियर की शुरुआत कर सकते हैं। तीनों बैंकों में भर्तियों का यह दौर युवाओं के लिए सुनहरा अवसर साबित होगा। योग्य उम्मीदवार समय रहते आवेदन करें और अपने बैंकिंग करियर की शुरुआत करें।

1. स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI)

SBI ने 2273 पदों के लिए भर्ती निकाली है। यह पद ग्राहक सेवा अधिकारी (CBO) के हैं। किसी भी स्नातक योग्य उम्मीदवार ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया 29 जनवरी 2026 से शुरू होकर 25 फरवरी 2026 तक चलेगी। इच्छुक उम्मीदवार SBI की आधिकारिक वेबसाइट sbi.bank.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं।

2. रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI)

RBI ने 650 असिस्टेंट पदों के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। किसी भी स्नातक योग्य उम्मीदवार इन पदों के लिए आवेदन कर सकते हैं। ऑनलाइन आवेदन 16 फरवरी 2026 से शुरू होकर 8 मार्च 2026 तक खुला रहेगा। आवेदन करने के लिए RBI की वेबसाइट rbi.org.in पर विज़िट करना होगा।

3. बैंक ऑफ बड़ौदा (BOB)

BOB ने IT और अन्य विभागों में 419 पदों के लिए भर्ती नोटिफिकेशन जारी किया है। पदों में असिस्टेंट मैनेजर, मैनेजर और अन्य शामिल हैं। आवेदन के लिए स्नातक, CA, MBA/PGDM या ICMAI पास उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं। ऑनलाइन आवेदन 6 फरवरी 2026 से शुरू होकर 26 फरवरी 2026 तक किया जा सकेगा। आवेदन के लिए bankofbaroda.bank.in वेबसाइट पर जाना होगा।

यूपी में नई ग्रीनफील्ड हाईवे बनेगी, इन जिलों के लिए खुशखबरी

प्रयागराज। उत्तर प्रदेश में जल्द ही चित्रकूट से वाराणसी तक 249 किमी लंबा नया ग्रीनफील्ड हाईवे बनेगा। यह छह लेन वाला एक्सेस नियंत्रित हाईवे प्रयागराज के यमुनापार क्षेत्र के बारा, करछना और मेजा तहसीलों से होकर गुजरेगा। जिससे कई जिलों के लोगों को खुशखबरी मिलेगी। 

हाईवे की मंजूरी मिली

आपको बता दें की इस ग्रीनफील्ड हाईवे परियोजना के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने डिजाइन को मंजूरी दे दी है और डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) बनाने के लिए भोपाल की कंपनी को 10.37 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं।

सर्वे और DPR की तैयारी

सर्वे और DPR छह माह के भीतर पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है। हाईवे बनने के बाद चित्रकूट और वाराणसी के बीच यात्रा का समय लगभग ढाई घंटे तक घट जाएगा। महाकुंभ 2031 के दौरान इससे भारी ट्रैफिक प्रबंधन में मदद मिलेगी और नैनी ब्रिज के आसपास जाम की समस्या कम होगी।

इस हाईवे से जुड़ेगी सड़क

यह नया मार्ग बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे और प्रयागराज-रीवा व प्रयागराज-सिंगरौली हाईवे से भी जुड़ेगा। जिला प्रशासन एलाइनमेंट तय करने और जमीन अधिग्रहण की तैयारी में सक्रिय है। इस हाईवे से बुंदेलखंड और पूर्वांचल के जिलों के लिए कनेक्टिविटी बेहतर होगी और स्थानीय व्यापार व आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी।

भारत की ताकत को माना UN ने, अब दुनिया देख रही नई महाशक्ति

नई दिल्ली। संयुक्त राष्ट्र (UN) के महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने भारत को वैश्विक मंच पर एक अहम और सशक्त शक्ति के रूप में मान्यता दी है। उन्होंने कहा कि भारत का योगदान अंतरराष्ट्रीय समुदाय और UN के एजेंडों में अत्यंत महत्वपूर्ण है। उनका मानना है कि भारत जैसी विकासशील अर्थव्यवस्थाओं की तेजी से बढ़ती भूमिका दुनिया के लिए एक सकारात्मक और लंबी अवधि वाला मेगा ट्रेंड बन रही है।

वैश्विक मंच पर भारत की अहमियत

गुतारेस ने इस बात पर प्रकाश डाला कि भारत ने शांति, सुरक्षा, सतत विकास और मानवाधिकार जैसे वैश्विक मामलों में निर्णायक भूमिका निभाई है। उन्होंने विशेष रूप से भारत द्वारा जी20 की अध्यक्षता के दौरान लिए गए महत्वपूर्ण निर्णयों को याद किया और कहा कि लोकतांत्रिक मूल्यों के संदर्भ में भी भारत विश्व स्तर पर एक मजबूत शक्ति बन चुका है।

शांति स्थापना में भारत की भागीदारी

महासचिव ने यह भी उल्लेख किया कि वर्तमान में लगभग 5000 भारतीय पुरुष और महिलाएं विश्व के विभिन्न हिस्सों में शांति रक्षा अभियानों में सक्रिय हैं। उन्होंने भारत के पहले पूर्ण महिला पुलिस दल के योगदान को “उल्लेखनीय” बताया और इसकी सराहना की।

वैश्विक अर्थव्यवस्था में भारत की बढ़ती भूमिका

गुतारेस ने संकेत दिया कि विकसित देशों जैसे G7 की वैश्विक अर्थव्यवस्था में हिस्सेदारी लगातार कम हो रही है, जबकि उभरती अर्थव्यवस्थाएं, जिनमें भारत अग्रणी है, तेजी से अपनी हिस्सेदारी बढ़ा रही हैं। यह प्रवृत्ति भविष्य में एक अधिक न्यायपूर्ण और समान वैश्विक व्यवस्था के निर्माण में योगदान देगी।

गुतारेस के अनुसार, भारत ने न केवल आर्थिक और राजनीतिक क्षेत्र में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है, बल्कि वैश्विक शांति और लोकतांत्रिक मूल्यों के संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनके विचारों से यह स्पष्ट होता है कि भारत अब विश्व मंच पर नई महाशक्ति के रूप में उभर रहा है।

भारत में बनेगी ये घातक मिसाइलें? पाकिस्तान के लिए तबाही

नई दिल्ली। भारत और फ्रांस रक्षा साझेदारी को नई ऊँचाइयों तक ले जाने की तैयारी कर रहे हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, HAMMER मिसाइल के निर्माण को लेकर मंगलवार को एक महत्वपूर्ण समझौता हो सकता है, जिसमें फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की मंजूरी शामिल होने की संभावना है। इस डील के बाद भारतीय वायु सेना की मारक क्षमता में काफी बढ़ोतरी होने की उम्मीद है।

HAMMER मिसाइल का भारत में निर्माण

समझौते के तहत HAMMER एयर-टू-सरफेस प्रिसिजन गाइडेड म्यूनिशन (PGM) का अधिकांश हिस्सा भारत में तैयार किया जाएगा। दोनों देशों के बीच यह संयुक्त उत्पादन भारतीय रक्षा उद्योग को नई तकनीक और विशेषज्ञता हासिल करने का अवसर देगा। यह परियोजना सिर्फ असेंबली तक सीमित नहीं होगी बल्कि तकनीक हस्तांतरण (ToT) और स्थानीय प्रतिभा को विकसित करने पर भी केंद्रित होगी।

मिसाइलों की ताकत और रेंज

HAMMER मिसाइल के दो प्रमुख एडवांस वेरिएंट भारत में बनाए जाएंगे।

HAMMER 250 XLR: इसकी स्टैंड-ऑफ रेंज 200 किलोमीटर से अधिक है और यह दुश्मन के ठिकानों पर सुरक्षित दूरी से सटीक हमला कर सकती है।

HAMMER 1000 XLR: इसकी रेंज लगभग 150 किलोमीटर है और यह अत्याधुनिक प्रिसिजन गाइडेड तकनीक से लैस है।

इसके अलावा, छोटी HAMMER मिसाइलें लगभग 70 किलोमीटर की दूरी तक महत्वपूर्ण लक्ष्य निशाना बनाने में सक्षम हैं, चाहे इलाका पहाड़ी हो या जटिल। ये मिसाइलें Dassault Rafale और HAL Tejas जैसे लड़ाकू विमानों के साथ पूरी तरह संगत हैं, जिससे विमान बेड़े की मारक क्षमता बढ़ती है।

भारत-फ्रांस वार्षिक रक्षा संवाद

माना जा रहा है कि 17 फरवरी को बेंगलुरु में छठे भारत-फ्रांस वार्षिक रक्षा संवाद के दौरान MoU पर हस्ताक्षर हो सकते हैं। इस अवसर पर दोनों देशों के रक्षा मंत्री और शीर्ष अधिकारी मौजूद रहेंगे। प्रस्तावित संयुक्त उपक्रम में भारत की BEL और फ्रांस की इंजन निर्माता कंपनी सफरान इकाई की बराबर भागीदारी शामिल हो सकती है।

भारत-अमेरिका डील में बड़ा मोड़! सरकार ने तोड़ी चुप्पी, जनता के लिए खुशखबरी

नई दिल्ली। भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से चर्चित व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया अब तेजी पकड़ रही है। हाल ही में सरकार ने इस पर बड़ा अपडेट साझा किया, जिसमें साफ किया गया कि बातचीत अब सिर्फ विचार विमर्श तक सीमित नहीं रही बल्कि कागजी प्रक्रिया की ओर बढ़ चुकी है।

सरकार की ओर से संकेत दिए गए हैं कि अगर सब कुछ योजना के अनुसार चला तो इस डील पर अगले महीने, यानी मार्च 2026 में हस्ताक्षर किए जा सकते हैं। वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने इस पूरी प्रक्रिया की जानकारी देते हुए बताया कि डील का ढांचा तैयार है और अब इसे कानूनी रूप देने के लिए एक विशेष टीम अमेरिका के दौरे पर जाएगी।

वाशिंगटन में होगा अंतिम मोल-भाव

अगले हफ्ते भारतीय अधिकारियों की टीम वाशिंगटन में अपने अमेरिकी समकक्षों के साथ बैठक करेगी। इस टीम का नेतृत्व वाणिज्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव दर्पण जैन करेंगे। मुख्य उद्देश्य डील के कानूनी मसौदे को अंतिम रूप देना है। इससे पहले दोनों देशों के बीच वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से लगातार बातचीत चल रही थी। इस फिजिकल मीटिंग का काम इन चर्चाओं को निष्कर्ष तक पहुंचाना होगा।

ढांचा तैयार, अब कानूनी मुहर

इस महीने की शुरुआत में भारत और अमेरिका ने साझा बयान जारी किया था, जिसमें डील का रूपरेखा तय करने की जानकारी दी गई थी। वाणिज्य सचिव ने इसे सरल शब्दों में समझाया कि अब मकान का नक्शा तो पास हो गया है, लेकिन ईंट-गारे यानी पक्के कागजात तैयार करना बाकी है। कानूनी मसौदा तैयार होने के बाद ही दोनों पक्ष हस्ताक्षर कर सकते हैं।

मार्च में लक्ष्य, पर सस्पेंस बरकरार

सरकार का रुख सकारात्मक है और दोनों पक्ष चाहते हैं कि समझौते को मार्च में पूरा कर लिया जाए। हालांकि वाणिज्य सचिव ने स्पष्ट किया कि कोई अंतिम समय सीमा तय नहीं की गई है। कानूनी दस्तावेजों में कई पेचीदगियां होती हैं, जिन्हें सुलझाना जरूरी है। इस प्रकार, भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की राह अब अंतिम चरण में पहुंच चुकी है, और अगले महीने के लिए बड़ी उम्मीदें हैं।

भारतीय वायु सेना में 10वीं पास के लिए भर्ती: अग्निवीर वायु पदों के लिए अवसर

नई दिल्ली। भारतीय वायु सेना (आईएएफ) ने 2026 में अग्निवीर वायु (गैर-लड़ाकू) पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू की है। यह अवसर विशेष रूप से 10वीं पास उम्मीदवारों के लिए है, जो देश की सेवा में शामिल होना चाहते हैं और  सेवा का हिस्सा बनना चाहते हैं।

भर्ती योजना और पद विवरण

इस भर्ती के तहत उम्मीदवार अग्निवीरवायु कार्यक्रम के अंतर्गत विभिन्न गैर-लड़ाकू शाखाओं में सहायक भूमिकाओं के लिए चयनित होंगे। भर्ती में चुने गए उम्मीदवारों की सेवा अवधि चार वर्ष की अनुबंध आधारित होगी।

आवेदन योग्यताएँ

शैक्षणिक योग्यता: उम्मीदवार का न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 10वीं पास (मैट्रिकुलेशन) या समकक्ष होना आवश्यक है।

आवेदन प्रक्रिया

इच्छुक उम्मीदवार आईएएफ की आधिकारिक वेबसाइट agnipathvayu.cdac.in/AV/ के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। आवेदन से पहले नोटिश को जरूर पढ़ें।

भर्ती का महत्व

अग्निवीरवायु पद न केवल युवाओं को भारतीय वायु सेना में शामिल होने का अवसर देता है, बल्कि यह उन्हें अनुशासन, पेशेवर प्रशिक्षण और करियर के लिए मजबूत आधार भी प्रदान करता है। चार साल की सेवा अवधि के दौरान चयनित उम्मीदवार विभिन्न तकनीकी और प्रशासनिक भूमिकाओं में कार्य करेंगे, जिससे उन्हें बहुमुखी अनुभव मिलेगा।

यूपी में बिगड़ेगा मौसम: पश्चिमी विक्षोभ से इन जिलों में बारिश के आसार

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में फरवरी की हल्की धूप के बीच अब मौसम बदलने लगा है। अगले एक-दो दिनों में राज्य के कई हिस्सों में बादलों के छाने और हल्की बूंदाबांदी की संभावना है। मौसम विभाग ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है, ताकि लोग सतर्क रहें और अपनी योजनाओं में बदलाव कर सकें।

बारिश की संभावित सूची

मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, 17 और 18 फरवरी को आगरा, मथुरा, झांसी, ललितपुर, जालौन, हमीरपुर, महोबा, बांदा, इटावा, औरैया, फिरोजाबाद और हाथरस जिलों में हल्की बारिश हो सकती है। इसके चलते सूरज की गर्मी में अस्थायी कमी आएगी, लेकिन भारी वर्षा की चेतावनी नहीं है।

किसानों और ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों को सलाह दी गई है कि वे फसलों की सुरक्षा के लिए आवश्यक सावधानी बरतें। वहीं, यात्रियों और शहरवासियों को भी सड़क यात्रा और दैनिक गतिविधियों में मौसम के बदलाव को ध्यान में रखना चाहिए।

लखनऊ मौसम केंद्र का संदेश

आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र, लखनऊ के अनुसार एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारत की ओर बढ़ रहा है। इसके प्रभाव से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बादलों का असर बढ़ सकता है और हल्की बारिश संभव है। इससे धूप का असर अस्थायी रूप से कम रहेगा और मौसम में थोड़ी ठंडक महसूस होगी।

मौसम विभाग ने लोगों से आग्रह किया है कि वे येलो अलर्ट को नजरअंदाज न करें और बारिश और हवाओं के अनुसार अपनी योजनाओं में बदलाव करें। विशेषज्ञों का कहना है कि यह बदलाव सामान्य है, लेकिन सतर्कता बरतना लाभकारी रहेगा।

यूपी में 'बेटियों' के लिए बड़ी खुशखबरी, सरकार ने दी सौगात!

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने महिलाओं और युवाओं के स्वावलंबन को बढ़ावा देने के लिए एक अहम कदम उठाया है। राज्य के श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर ने विधानसभा में ऐलान किया कि महिलाओं के लिए 'पिंक रोजगार मेले' आयोजित किए जाएंगे। इन मेलों का उद्देश्य प्रदेश की बेटियों को उनकी योग्यतानुसार सरकारी और निजी क्षेत्र में बेहतर नौकरी के अवसर प्रदान करना है।

पिंक रोजगार मेले: महिलाओं के लिए नई दिशा

मंत्री ने बताया कि इन मेलों में महिलाओं को उनके कौशल और शिक्षा के अनुसार करियर विकल्प सुझाए जाएंगे। इस पहल से न केवल महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ेगा, बल्कि उनके आर्थिक सशक्तिकरण में भी मदद मिलेगी। उन्होंने कहा, “हम चाहते हैं कि हमारी बेटियां अपने पैरों पर खड़ी हों और रोजगार के सभी अवसरों का लाभ उठा सकें। पिंक रोजगार मेले इस दिशा में एक बड़ा कदम हैं।”

महिलाओं और युवाओं को मिलेगा फायदा

'पिंक रोजगार मेले' के माध्यम से न केवल महिलाओं को नौकरी मिलेगी, बल्कि उन्हें प्रशिक्षण और कैरियर काउंसलिंग के अवसर भी प्रदान किए जाएंगे। यह पहल उत्तर प्रदेश में महिला सशक्तिकरण और युवा रोजगार को बढ़ावा देने में मील का पत्थर साबित हो सकती है। मंत्री अनिल राजभर ने अंत में सभी वर्गों और विशेष रूप से युवाओं से कहा कि यह समय अवसरों को भुनाने का है, और सरकार हर संभव सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है।

भारत ने बदला गियर: 6th जनरेशन फाइटर जेट पर बड़ा ऐलान

नई दिल्ली: भारत अब एडवांस्ड मीडियम कॉम्बेट एयरक्राफ्ट के डिजाइन और विकास को तेज़ गति दे रहा है। इसकी जानकारी खुद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बेंगलुरु में दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब समय आ गया है कि पिछले वर्षों में अधूरे पड़े प्रयास पूरे किए जाएँ, खासकर एयरो इंजन और आधुनिक लड़ाकू विमानों की तकनीक के क्षेत्र में।

रक्षा मंत्री ने कहा कि आम तौर पर किसी इंजन के विकास में 25 साल लगते हैं, लेकिन भारत की वर्तमान जरूरत और महत्वाकांक्षा के हिसाब से समय सीमा सिर्फ 5 साल की है। उन्होंने जोर दिया कि देश को वही हासिल करना है, जो अन्य देश दो दशकों में करते हैं।

छठी पीढ़ी की टेक्नोलॉजी पर जोर

राजनाथ सिंह ने बताया कि अब केवल 5वीं पीढ़ी तक सीमित रहना पर्याप्त नहीं है। भारत को 6th जनरेशन फाइटर जेट और उससे जुड़े एयरो इंजन की अत्याधुनिक तकनीक विकसित करनी होगी। उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग और नई सामग्रियों के प्रयोग पर भी ध्यान देने की सलाह दी ताकि देश वैश्विक स्तर पर टेक्नोलॉजी में आगे रहे। उन्होंने कहा कि इंग्लैंड और फ्रांस के साथ एयरो इंजन विकास के समझौते भारत को न केवल नई तकनीक सीखने का मौका देंगे, बल्कि वैश्विक चुनौतियों का सामना करने की क्षमता भी बढ़ाएंगे।

आत्मनिर्भरता और स्वदेशी तकनीक

राजनाथ सिंह ने यह भी रेखांकित किया कि रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता जरूरी है। पिछले वर्षों में स्वदेशी हथियार, संचार उपकरण और सर्विलांस सिस्टम ने भारतीय सेना की ताकत बढ़ाई है। उन्होंने कहा कि इसने सेना का मनोबल और देशवासियों का गर्व दोनों बढ़ाया। रक्षा मंत्री ने विशेषज्ञों से आग्रह किया कि बदलते समय और नई चुनौतियों के अनुसार नई टेक्नोलॉजी और उपकरणों के विकास पर अधिक ध्यान दिया जाए, ताकि भारतीय सेना को विश्वस्तरीय प्रणालियां मिल सकें।

वैश्विक स्तर पर भारत की बढ़ती भूमिका

राजनाथ सिंह ने भारत और यूरोपीय यूनियन के फ्री ट्रेड समझौते का उल्लेख किया और कहा कि यह लंबे समय से लंबित था, लेकिन अब यह पूरा हो गया है। यह समझौता भारत की वैश्विक आर्थिक और राजनीतिक ताकत को दर्शाता है। उन्होंने बताया कि हाल ही में ग्रीस के रक्षा मंत्री ने भारत को सिर्फ उभरती शक्ति के रूप में नहीं, बल्कि एक वैश्विक सुपर पावर के रूप में देखा। यह संकेत है कि दुनिया भारत को अब एक सामान्य राष्ट्र से ऊपर मानती है।

सूर्य-बुध के अष्टादश योग: 5 राशियों की होगी तेज तरक्की

राशिफल। द्रिक पंचांग के अनुसार 18 फरवरी 2026 को सूर्य और बुध ग्रह अष्टादश योग का निर्माण कर रहे हैं। ज्योतिष शास्त्र में यह योग तब बनता है, जब सूर्य और बुध के बीच 18 डिग्री की कोणीय दूरी होती है। इसे एक अत्यंत शुभ और प्रभावशाली योग माना जाता है, जो विशेष रूप से शिक्षा, बुद्धि, व्यापार, संचार कौशल और करियर में उन्नति प्रदान करता है।

सूर्य आत्मविश्वास, नेतृत्व और प्रतिष्ठा के कारक हैं, जबकि बुध बुद्धिमत्ता, वाणी और व्यावसायिक कौशल के प्रतीक माने जाते हैं। इन दोनों ग्रहों का यह विशेष संयोग कुछ राशियों के लिए तरक्की और सफलता के द्वार खोल सकता है। आइए जानते हैं वे 5 राशियां, जिन पर इस योग का विशेष प्रभाव देखने को मिल सकता है।

1. मिथुन राशि

मिथुन राशि के जातकों के लिए यह योग अत्यंत लाभकारी सिद्ध हो सकता है। नौकरीपेशा लोगों को प्रमोशन या नई जिम्मेदारी मिल सकती है। व्यापारियों को नए अनुबंध और साझेदारी के अवसर प्राप्त होंगे। विद्यार्थियों के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के योग बन रहे हैं। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और आत्मविश्वास में वृद्धि होगी।

2. सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों को करियर में नई पहचान मिल सकती है। सूर्य का प्रभाव आपकी नेतृत्व क्षमता को बढ़ाएगा। सरकारी कार्यों में सफलता मिलेगी और उच्च अधिकारियों का सहयोग प्राप्त होगा। सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि के साथ-साथ रुके हुए कार्य पूरे होने के संकेत हैं।

3. कन्या राशि

कन्या राशि के लिए बुध का विशेष महत्व होता है। अष्टादश योग के प्रभाव से व्यापार और नौकरी में लाभ के अवसर बनेंगे। निवेश से अच्छा लाभ मिल सकता है। संचार और लेखन से जुड़े लोगों के लिए यह समय अनुकूल रहेगा। पारिवारिक जीवन में भी सुख-शांति बनी रहेगी।

4. तुला राशि

तुला राशि के जातकों के लिए यह योग आर्थिक प्रगति का संकेत दे रहा है। लंबे समय से अटके हुए धन की प्राप्ति हो सकती है। साझेदारी में किए गए कार्यों में लाभ मिलेगा। नई योजनाओं पर काम शुरू करने के लिए समय शुभ रहेगा। वैवाहिक जीवन में सामंजस्य बढ़ेगा।

5. धनु राशि

धनु राशि के लोगों को करियर में विस्तार के अवसर मिल सकते हैं। विदेश से जुड़े कार्यों में सफलता मिलने के योग हैं। उच्च शिक्षा या प्रशिक्षण के लिए प्रयासरत लोगों को सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं। भाग्य का साथ मिलेगा और आत्मबल में वृद्धि होगी।

भारत से ये हथियार खरीदेगा फ्रांस? अमेरिका को झटका

नई दिल्ली। कभी भारत को दुनिया का बड़ा हथियार आयातक कहा जाता था। आज वही भारत रक्षा क्षेत्र में तकनीक विकसित कर उसे विदेशों तक पहुंचाने की स्थिति में आ चुका है। यह बदलाव सिर्फ उत्पादन का नहीं, बल्कि रणनीतिक आत्मविश्वास का संकेत है। इसी पृष्ठभूमि में चर्चा है कि फ्रांस भारत के स्वदेशी रॉकेट सिस्टम में दिलचस्पी दिखा सकता है।

रक्षा संबंधों का नया समीकरण

भारत और फ्रांस के बीच रक्षा सहयोग कोई नया नहीं है। भारतीय वायुसेना में शामिल Dassault Rafale लड़ाकू विमान दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी का प्रतीक हैं। अब यदि भारत 114 नए विमानों की बड़ी डील की ओर बढ़ता है, तो यह सौदा केवल खरीद-फरोख्त तक सीमित नहीं रहेगा। अक्सर ऐसे समझौते तकनीकी सहयोग, संयुक्त उत्पादन और पारस्परिक रक्षा जरूरतों से भी जुड़े होते हैं। इसी संदर्भ में भारत के स्वदेशी रॉकेट सिस्टम की भी चर्चा तेज हुई है।

क्या है पिनाका और क्यों खास है?

Pinaka multi-barrel rocket launcher एक मल्टी बैरल रॉकेट लॉन्चर प्रणाली है जिसे भारतीय वैज्ञानिकों ने विकसित किया है। इसकी सबसे बड़ी ताकत है कम समय में भारी मात्रा में रॉकेट दागने की क्षमता। युद्धक्षेत्र में यह दुश्मन के बड़े इलाके को तेजी से कवर कर सकता है। फ्रांस इस रॉकेट सिस्टम को खरीदने पर विचार कर रहा हैं।

इसकी प्रमुख विशेषताएं: अलग-अलग रेंज वाले संस्करण (लगभग 90 किमी से 120+ किमी तक), भविष्य में 300 किमी तक मारक क्षमता का लक्ष्य हैं। 

वैश्विक तुलना में स्थिति

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसकी तुलना अमेरिकी M142 HIMARS और रूसी Tornado-S से की जाती है। HIMARS अपनी सटीकता और नेटवर्किंग क्षमता के लिए जाना जाता है, जबकि पिनाका की पहचान लागत-प्रभावशीलता और लगातार उन्नयन से बन रही है। भारत के लिए बड़ा फायदा यह है कि पिनाका पूरी तरह स्वदेशी सप्लाई चेन पर आधारित है। इसका मतलब है कि निर्यात के समय किसी तीसरे देश की तकनीकी अनुमति की बाध्यता कम होती है।

फ्रांस की संभावित दिलचस्पी

फ्रांस अपनी रॉकेट आर्टिलरी क्षमता को आधुनिक बनाने की दिशा में काम कर रहा है। जब तक उसका दीर्घ दूरी वाला घरेलू सिस्टम पूरी तरह तैयार नहीं होता, तब तक एक भरोसेमंद और अपेक्षाकृत किफायती विकल्प उसके लिए उपयोगी हो सकता है। यहीं भारत को अवसर दिखता है। यदि फ्रांस जैसे विकसित और तकनीकी रूप से सक्षम देश द्वारा भारतीय प्रणाली को अपनाया जाता है, तो यह केवल एक सौदा नहीं होगा, यह भारत की रक्षा तकनीक पर अंतरराष्ट्रीय विश्वास का प्रमाण होगा।

बिहार में जमीन खरीद के नए नियम! 13 शर्तें पूरी करें, तभी होगी रजिस्ट्री

पटना। बिहार में जमीन खरीदने या बेचने वालों के लिए बड़ा बदलाव आने वाला है। 1 अप्रैल 2026 से जमीन रजिस्ट्री की प्रक्रिया में नई शर्तें लागू होंगी। अब बिना पूरी और प्रमाणिक जानकारी दिए रजिस्ट्री कराना संभव नहीं होगा। राज्य सरकार ने यह व्यवस्था जमीन से जुड़े लेन-देन को साफ-सुथरा और विवाद रहित बनाने के उद्देश्य से तैयार की है। अक्सर अधूरी जानकारी के आधार पर रजिस्ट्री होने के बाद कानूनी पेंच फंस जाते हैं। ऐसे मामलों को रोकने के लिए अब पहले ही जमीन का पूरा ब्यौरा देना जरूरी होगा।

ऑनलाइन देनी होगी ये 13 जानकारी

नई प्रक्रिया के तहत इच्छुक खरीदार को ई-निबंधन पोर्टल पर पंजीकरण कर जमीन से जुड़ी 13 प्रकार की सूचनाएं भरनी होंगी। इनमें जमीन का स्थान, खाता-खेसरा विवरण, रकबा, चौहद्दी, जमाबंदी की स्थिति, मालिक का नाम, खरीदार-विक्रेता की जानकारी और भूमि की प्रकृति जैसी अहम जानकारियां शामिल रहेंगी। जब तक ये सभी विवरण दर्ज नहीं किए जाएंगे, तब तक रजिस्ट्री की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ेगी।

अधिकारी करेंगे जांच

यदि आवेदक चाहे तो वह जमीन के रिकॉर्ड की आधिकारिक पुष्टि भी मांग सकता है। ऐसी स्थिति में आवेदन संबंधित अंचल कार्यालय को ऑनलाइन भेजा जाएगा। अधिकारी रिकॉर्ड की जांच कर निर्धारित समय के भीतर स्थिति स्पष्ट करेंगे। अगर तय समय में जवाब नहीं मिलता है, तो पोर्टल पर दी गई जानकारी के आधार पर आगे की प्रक्रिया स्वतः जारी रहेगी।

क्यों किया गया बदलाव?

सरकार का मानना है कि जमीन से जुड़े विवादों की बड़ी वजह स्पष्ट जानकारी का अभाव है। नई व्यवस्था से खरीद से पहले ही जमीन की वास्तविक स्थिति सामने आ जाएगी, जिससे भविष्य में विवाद और धोखाधड़ी की संभावना कम होगी। 1 अप्रैल 2026 से बिहार में जमीन रजिस्ट्री की प्रक्रिया अधिक सख्त और पारदर्शी होने जा रही है। ऐसे में जमीन खरीदने-बेचने से पहले सभी जरूरी दस्तावेज और जानकारी तैयार रखना बेहद जरूरी होगा।

कलौंजी किस बीमारी में काम आती है? जानें 6 बड़े फायदे

हेल्थ डेस्क। कलौंजी, जिसे ब्लैक सीड्स या ब्लैक क्यूमिन के नाम से भी जाना जाता है, लंबे समय से आयुर्वेद और पारंपरिक चिकित्सा में इस्तेमाल होती रही है। आज के समय में इसे सुपरफूड के रूप में देखा जा रहा है। लेकिन क्या ये सच में सभी दावों पर खरी उतरती है? आइए जानते हैं, विशेषज्ञों की राय के आधार पर।

1. ब्लड प्रेशर को संतुलित करने में मददगार

कलौंजी के बीज ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में सहायक माने जाते हैं। नियमित और सीमित मात्रा में सेवन करने से यह उच्च रक्तचाप को सामान्य रखने में योगदान कर सकती है।

2. लिवर और किडनी के लिए फायदेमंद

कुछ अध्ययनों से पता चलता है कि कलौंजी के बीज लिवर और किडनी की रक्षा में मदद कर सकते हैं। हालांकि, ज्यादातर डेटा अभी प्रयोगात्मक स्तर पर आधारित है।

3. ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में सहायक

कलौंजी इंसुलिन संवेदनशीलता को बढ़ाने और रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करने में योगदान कर सकती है। इसलिए डायबिटीज या प्री-डायबिटीज के मामलों में इसे सहायक माना जा सकता है।

4. सूजन और जोड़ों के दर्द में राहत

कलौंजी के बीज में सूजन कम करने वाले गुण पाए जाते हैं। रुमेटॉइड आर्थराइटिस जैसे रोगों पर किए गए परीक्षणों से संकेत मिले हैं कि सूजन के कुछ मार्कर सुधारते हैं, जिससे जोड़ों के दर्द में राहत मिल सकती है।

5. अस्थमा और एलर्जी में मददगार

अस्थमा या एलर्जी से पीड़ित लोगों के लिए कलौंजी सहायक हो सकती है। नियमित और सीमित मात्रा में सेवन से श्वसन प्रणाली की सूजन और एलर्जी संबंधी लक्षणों में कमी आ सकती है।

6. एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर

कलौंजी के बीज प्राकृतिक एंटीऑक्सीडेंट का अच्छा स्रोत हैं। ये शरीर को हानिकारक मुक्त कणों से लड़ने में मदद करते हैं और इम्यूनिटी बढ़ाने में योगदान दे सकते हैं।

बिहार में 'रैयती जमीन' को लेकर बड़ा अपडेट, नई व्यवस्था लागू

पटना। बिहार सरकार ने रैयती भूमि के निबंधन में नई व्यवस्था लागू की है, जिससे जमीन की खरीद-बिक्री और अधिक सुरक्षित और पारदर्शी होगी। नए नियम के अनुसार, निबंधन के समय जमीन के पक्षकार यानी खरीदार या विक्रेता, अपनी इच्छा के मुताबिक, भूमि की संपूर्ण आधिकारिक जानकारी दस दिनों के भीतर प्राप्त कर सकेंगे। यह सुविधा रैयती भूमि पर वित्त वर्ष 2026-27 से मिलेगी।

निबंधन प्रक्रिया में बदलाव

राज्य के मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग और राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने इस नई व्यवस्था का आदेश जारी किया है। इसके तहत सभी समाहर्ता निर्देशित हैं कि निबंधन और म्यूटेशन के समय भूमि संबंधी सभी विवरण सही और स्पष्ट होने चाहिए। भूमि से जुड़ी जानकारी के अभाव में अक्सर विवाद और गलत निबंधन होते थे। नई व्यवस्था में पक्षकार को पूर्व जानकारी लेने का विकल्प दिया गया है।

ई-निबंधन पोर्टल पर जानकारी

भूमि की अपडेट रिपोर्ट पाने के लिए आवेदक को ई-निबंधन पोर्टल पर लॉग-इन कर अपनी जानकारी दर्ज करनी होगी। इसमें शामिल हैं: निबंधन कार्यालय, अंचल, मौज, थाना, खाता और खेसरा संख्या, भूमि का क्षेत्रफल, चौहद्दी, जमाबंदी संख्या, जमाबंदी धारक, क्रेता और विक्रेता का नाम और भूमि का प्रकार। यदि पक्षकार अपडेट जानकारी लेने का विकल्प नहीं चुनता, तो निबंधन सामान्य प्रक्रिया के अनुसार किया जाएगा।

10 दिन में रिपोर्ट और अलर्ट

पक्षकार ने जानकारी का विकल्प चुना तो अंचल अधिकारी या राजस्व अधिकारी जमीन की जांच करेंगे और रिपोर्ट पोर्टल पर अपलोड करेंगे। इस प्रक्रिया की सूचना आवेदक और अधिकारियों को एसएमएस के जरिए दी जाएगी। यदि दस दिनों में रिपोर्ट उपलब्ध नहीं कराई जाती है, तो यह माना जाएगा कि पक्षकार द्वारा दी गई जानकारी पर्याप्त है और निबंधन स्वतः आगे बढ़ जाएगा।

विशेष मामलों का ध्यान

कोर्ट द्वारा रोक लगी जमीन, सरकारी भूखंड और भू-हदबंदी विवाद वाले भूखंडों का निबंधन साफ्टवेयर में दर्ज जानकारी के अनुसार किया जाएगा।

भारत ने किया धमाका, अमेरिका-चीन की आंखें खुली की खुली!

नई दिल्ली। भारत की अर्थव्यवस्था इस समय तेज़ी से बढ़ रही है और वैश्विक बाजारों में अपनी पैठ मजबूत कर रही है। अप्रैल 2025 से जनवरी 2026 के बीच देश का कुल व्यापार $720.76 बिलियन तक पहुंच चुका है, जो पिछले साल की तुलना में 6% अधिक है। यदि यही रफ्तार जारी रही, तो वित्त वर्ष के अंत तक यह आंकड़ा $860 बिलियन पार कर सकता है।

निर्यात की नई ऊँचाई

जनवरी 2026 में भारत का कुल निर्यात $80.45 बिलियन रहा, जबकि आयात $90.83 बिलियन दर्ज हुआ। व्यापार घाटा $10.38 बिलियन तक सीमित रहा। खास बात यह है कि गैर-तेल आधारित उत्पादों का निर्यात 4.89% बढ़ा, जो दर्शाता है कि भारतीय वस्तुएं अब तेल के अलावा अन्य क्षेत्रों में भी ग्लोबल मार्केट में टिक रही हैं।

चमकते उद्योग

कुछ क्षेत्रों ने इस समय खास प्रदर्शन किया है:

इंजीनियरिंग और इलेक्ट्रॉनिक्स: तकनीकी उत्पादों की मांग में तेजी।

फार्मा: दवाइयों का निर्यात लगातार मजबूत।

खेती और समुद्री उत्पाद: अनाज, कॉफी और समुद्री उत्पादों का निर्यात बढ़ा।

ऑटो पार्ट्स: यूरोपीय बाजार में 28% की वृद्धि, कुल निर्यात $2.2 बिलियन तक।

अमेरिका-भारत ट्रेड डील

अमेरिका भारत का सबसे बड़ा निर्यात मार्केट है, जहां निर्यात $72 बिलियन पार कर चुका है। प्रस्तावित ट्रेड डील से भारतीय उत्पाद और प्रतिस्पर्धी बनेंगे। इसमें टैक्स कम करना, नए बाजार तक पहुंच आसान बनाना और नियमों में सुगमता शामिल हैं।

‘मेक इन इंडिया’ से ‘सेल टू वर्ल्ड’

भारत अब केवल कच्चा माल नहीं, बल्कि तैयार और तकनीकी उत्पाद दुनिया को भेज रहा है। इंजीनियरिंग, फार्मा और ऑटो सेक्टर की ताकत यह दिखाती है कि ‘मेक इन इंडिया’ की रणनीति अब वैश्विक सफलता की ओर बढ़ रही है।

यूपी में 'स्नातक' के लिए खुशखबरी, पाएं 23 हजार की नौकरी!

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के युवाओं के लिए नौकरी का बड़ा अवसर सामने आया है। कालीचरण डिग्री कॉलेज में 18 फरवरी को राज्य सेवायोजन विभाग की ओर से रोजगार मेला आयोजित किया जा रहा है। इस मेले में हाईस्कूल, इंटरमीडिएट, स्नातक, परास्नातक, आईटीआई और डिप्लोमा इंजीनियरिंग जैसे विभिन्न शैक्षिक योग्यताओं वाले युवाओं को नौकरी पाने का मौका मिलेगा। इसमें 15 कंपनियां शामिल होंगी, जो योग्य उम्मीदवारों को 23 हजार रुपये प्रति माह तक वेतन पर नियुक्त करेंगी।

कंपनियों और पदों की जानकारी

जिला सेवायोजन अधिकारी प्रज्ञा त्रिपाठी के अनुसार, मेले में टाटा मोटर्स, एलआईसी, इंस्टा ह्यूमन, स्विगी लिमिटेड, स्वदेश ग्राफिक्स, सूर्या कंस्ट्रक्शन और ठाकुर पब्लिकेशन सहित कुल 15 कंपनियां भाग लेंगी। करीब 500 पदों पर युवाओं का चयन किया जाएगा। खास बात यह है कि प्रशिक्षण प्राप्त उम्मीदवारों को नौकरी मिलने की संभावना अधिक होगी।

मेले में कैसे भाग लें

युवाओं को रोजगार मेले में भाग लेने के लिए संगम पोर्टल (rojgarsangam.up.gov.in) पर पंजीकरण करना होगा। पंजीकरण के दौरान उन्हें अपनी पंजीकरण संख्या, CV और शैक्षिक प्रमाणपत्र अपलोड करने होंगे। पंजीकृत उम्मीदवार सीधे मेले में उपस्थित होकर इंटरव्यू दे सकते हैं। इस पूरी प्रक्रिया में कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।

युवाओं के लिए मौका

यह रोजगार मेला खासकर उन युवाओं के लिए फायदेमंद है, जो विभिन्न शैक्षिक योग्यताओं के बावजूद अच्छी वेतन वाली नौकरी के अवसर की तलाश में हैं। इस तरह के आयोजन उन्हें सीधे नियोक्ताओं के सामने पेश होने और नौकरी पाने का सशक्त माध्यम प्रदान करते हैं।

UPI ने तोड़ा कैश का राज, भारत में अब नंबर-1 पेमेंट मोड

नई दिल्ली। भारत में डिजिटल भुगतान ने अब वास्तविक रूप ले लिया है। अब देश के ज़्यादातर लेनदेन नकद की बजाय UPI (Unified Payments Interface) के माध्यम से हो रहे हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, कुल लेनदेन में UPI की हिस्सेदारी 57 प्रतिशत तक पहुंच गई है, जबकि नकद लेनदेन घटकर 38 प्रतिशत रह गया है।

युवाओं और छोटे व्यापारियों की बढ़ती प्राथमिकता

UPI की लोकप्रियता का बड़ा कारण इसका आसान और तुरंत पैसे ट्रांसफर करने वाला सिस्टम है। खासकर 18 से 25 साल के युवा इसे प्राथमिकता दे रहे हैं। वहीं, छोटे व्यवसायियों ने भी UPI को अपनाना शुरू कर दिया है। लगभग 94 प्रतिशत छोटे व्यापारी डिजिटल भुगतान का उपयोग कर रहे हैं और उनमें से अधिकांश का कहना है कि इससे उनके व्यवसाय में वृद्धि हुई है।

सरकार का समर्थन और डिजिटल बुनियादी ढांचा

भारत सरकार ने डिजिटल भुगतान को मजबूत करने के लिए बड़े निवेश किए हैं। छोटे लेनदेन को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष बजट आवंटित किया गया है। इस कदम से QR कोड की संख्या बढ़कर 65 करोड़ और डिजिटल लेनदेन में भाग लेने वाले बैंकों की संख्या बढ़कर 661 हो गई है।

नकदी की निर्भरता में कमी

जैसे-जैसे लोग UPI और डिजिटल भुगतान अपनाते हैं, नकद पर निर्भरता कम होती जा रही है। एटीएम से पैसे निकालने की आवश्यकता घट रही है और छोटे नोटों की मांग में कमी आई है। उपयोगकर्ताओं ने तेज़ लेनदेन और कैशबैक जैसे लाभों को इसकी मुख्य विशेषताएँ बताया है।

डिजिटल भारत की ओर

NPCI, बैंक और फिनटेक कंपनियों के प्रयासों ने भारत को डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में अग्रणी बना दिया है। अब देश कम नकद और अधिक तकनीक-सक्षम अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ रहा है। UPI न केवल लेनदेन को आसान बनाता है, बल्कि यह भारतीय अर्थव्यवस्था को तेज़, सुरक्षित और समावेशी बनाने में भी मदद कर रहा है।