भारत में बनेगा 'राफेल' और 'हैमर' मिसाइलें, तैयारी शुरू

नई दिल्ली। भारत-फ्रांस के बीच 17 फरवरी को कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में वार्षिक रक्षा वार्ता होने जा रही है। यह बैठक दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग के सभी पहलुओं की समीक्षा करेगी, खासकर रक्षा उद्योग में साझेदारी बढ़ाने पर जोर रहेगा। बैठक में भारत की तरफ से रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और फ्रांस की तरफ से सशस्त्र बल एवं पूर्व सैनिक मामलों की मंत्री कैथरीन वॉत्रिन शामिल होंगी।

हैमर मिसाइलों का संयुक्त निर्माण

बैठक के दौरान भारत और फ्रांस के बीच हैमर मिसाइलों के संयुक्त निर्माण के लिए एक जॉइंट वेंचर (MoU) पर हस्ताक्षर होने की संभावना है। इस कदम से भारत में सुपरसोनिक मिसाइल टेक्नोलॉजी विकसित करने में तेजी आएगी और देश की सैन्य क्षमताओं में वृद्धि होगी। साथ ही, दोनों देशों की सेनाओं के अधिकारियों की पारस्परिक तैनाती और प्रशिक्षण के लिए भी घोषणा की जा सकती है।

राफेल डील पर ऐलान संभव

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की बैठक में 114 राफेल फाइटर जेट डील का भी औपचारिक ऐलान होने की उम्मीद है। यह डील दोनों देशों के बीच तकनीकी स्तर पर बातचीत के पूरा होने के बाद फाइनल की स्थिति में है। राफेल जेट्स और हैमर मिसाइलें भारत की वायु सेना और नौसेना को नई ताकत देंगी और रणनीतिक सुरक्षा में सुधार लाएंगी।

हेलिकॉप्टर असेंबली प्लांट का उद्घाटन

बैठक में कर्नाटक के वेमगल में टाटा-एयरबस द्वारा बनाए जा रहे H125 लाइट यूटिलिटी हेलीकॉप्टर के फाइनल असेंबली प्लांट का वर्चुअल उद्घाटन भी होगा। इसका उद्घाटन पीएम मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों संयुक्त रूप से करेंगे। यह प्लांट भारत में हेलिकॉप्टर निर्माण और रखरखाव में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देगा।

भारत-फ्रांस रक्षा सहयोग का इतिहास

भारत और फ्रांस के बीच रक्षा सहयोग वर्षों से मजबूत रहा है। दोनों देशों की सेनाएं नियमित रूप से शक्ति, वरुण और गरुड़ जैसे संयुक्त अभ्यास करती हैं। प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों ने हाल के वर्षों में कई उच्च स्तरीय दौरे और कार्यक्रम आयोजित किए हैं, जिससे दोनों देशों के बीच रणनीतिक और तकनीकी सहयोग और मजबूत हुआ है।

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