रणनीतिक रिश्तों को मिलेगा नया आयाम
प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा उनके तीसरे कार्यकाल का पहला इजरायल दौरा होगा। इससे पहले वह 2017 में इजरायल गए थे, जो किसी भारतीय प्रधानमंत्री की ऐतिहासिक और स्वतंत्र यात्रा मानी गई थी। उस दौरान दोनों देशों के बीच रक्षा, कृषि, जल प्रबंधन, साइबर सुरक्षा और आतंकवाद विरोधी सहयोग को नई दिशा मिली थी।
अब प्रस्तावित यात्रा में रक्षा तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सिक्योरिटी, नवाचार और स्टार्टअप इकोसिस्टम जैसे क्षेत्रों में बड़े समझौतों की संभावना जताई जा रही है। माना जा रहा है कि नई दिल्ली में होने वाले एआई शिखर सम्मेलन के बाद प्रधानमंत्री 27-28 फरवरी को इजरायल पहुंच सकते हैं, हालांकि आधिकारिक तारीख की घोषणा अभी शेष है।
रक्षा और तकनीक पर खास फोकस
भारत और इजरायल के बीच रक्षा सहयोग पहले से ही मजबूत है। इजरायल भारत को उन्नत रक्षा उपकरण और तकनीकी सहायता प्रदान करता रहा है। इस यात्रा के दौरान रक्षा उत्पादन में संयुक्त निवेश, ड्रोन और मिसाइल तकनीक, तथा सीमा सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर नई पहल हो सकती है।
तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में भी दोनों देश एक-दूसरे के पूरक माने जाते हैं। भारत के पास विशाल बाजार और प्रतिभा है, जबकि इजरायल को “स्टार्टअप नेशन” के रूप में जाना जाता है। ऐसे में डिजिटल और एआई सहयोग भविष्य की साझेदारी का प्रमुख आधार बन सकता है।

0 comments:
Post a Comment