रिंग ऑफ फायर की खासियत
इस प्रकार का ग्रहण तब बनता है जब चंद्रमा पृथ्वी से अपने सबसे दूर के बिंदु के पास होता है। परिणामस्वरूप सूर्य का आकार बड़ा और चमकदार दिखाई देता है, लेकिन उसके बीच में चंद्रमा काले घेरे की तरह नजर आता है। यही दृश्य इसे ‘रिंग ऑफ फायर’ बनाता है।
सूर्य ग्रहण का समय
ग्रहण सुबह 3:26 बजे (UTC) से शुरू होकर दो घंटे के करीब चलेगा। चरम अवस्था 5:42 बजे (UTC) होगी और 7:57 बजे (UTC) तक ग्रहण समाप्त हो जाएगा।
भारत में दृश्यता
इस बार का ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा क्योंकि सूर्य दक्षिणी गोलार्ध में होगा। भारतीय खगोल प्रेमी इसे ऑनलाइन माध्यमों या लाइव स्ट्रीमिंग के जरिए देख सकते हैं।
किन देशों में दिखाई देगा
सूर्य ग्रहण अंटार्कटिका, अर्जेंटीना, बोत्सवाना, चिली, दक्षिण अफ्रीका, मॉरीशस, मेडागास्कर, नामीबिया और तंजानिया जैसे देशों में देखा जा सकेगा।
इस ग्रहण सुरक्षित कैसे देखें
ग्रहण को देखने के लिए विशेष सुरक्षा उपकरण या डिजिटल लाइव फीड का उपयोग किया जाना चाहिए। बिना सुरक्षा के सीधे सूर्य की ओर देखने से आंखों को गंभीर नुकसान हो सकता है। NASA और अन्य अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां लाइव प्रसारण के जरिए इसे दिखाएँगी।
खगोल विज्ञान में ग्रहण का महत्व
‘रिंग ऑफ फायर’ केवल एक खगोलीय घटना नहीं, बल्कि विज्ञान और शिक्षा के लिए भी महत्वपूर्ण है। यह हमें ग्रहण की गति, सूर्य और चंद्रमा के अनुपात और पृथ्वी की परिक्रमा की बारीकियों को समझने में मदद करता है।

0 comments:
Post a Comment