बजट 2026 में सबसे अहम घोषणाओं में से एक रेयर अर्थ मैग्नेट कॉरिडोर की स्थापना का प्रस्ताव रहा। यह कदम ऐसे समय पर उठाया गया है, जब वैश्विक स्तर पर रेयर अर्थ एलिमेंट्स की आपूर्ति पर चीन का नियंत्रण लगातार चिंता का विषय बना हुआ है।
क्या हैं रेयर अर्थ एलिमेंट्स और क्यों हैं अहम
रेयर अर्थ एलिमेंट्स का इस्तेमाल इलेक्ट्रिक वाहनों, मोबाइल फोन, सेमीकंडक्टर, रक्षा उपकरण, पवन ऊर्जा और हाई-टेक इलेक्ट्रॉनिक्स में बड़े पैमाने पर होता है। अब तक भारत इन महत्वपूर्ण खनिजों के लिए काफी हद तक चीन पर निर्भर रहा है, जिससे सप्लाई चेन से जुड़े जोखिम बढ़े हैं।
रेयर अर्थ कॉरिडोर से क्या बदलेगा
वित्त मंत्री ने अपने भाषण में बताया कि सरकार खनिज संसाधनों से समृद्ध राज्यों में विशेष रेयर अर्थ कॉरिडोर विकसित करने के लिए वित्तीय और नीतिगत समर्थन देगी। इस पहल का उद्देश्य देश के भीतर रेयर अर्थ मैग्नेट्स के खनन, प्रोसेसिंग और निर्माण की क्षमता को मजबूत करना है। इस कॉरिडोर के जरिए भारत न केवल अपनी घरेलू जरूरतों को पूरा कर सकेगा, बल्कि भविष्य में वैश्विक बाजार में एक भरोसेमंद सप्लायर के रूप में भी उभर सकता है।
चीन पर निर्भरता घटाने की रणनीति
यह फैसला चीन की आपूर्ति पर निर्भरता कम करने की दिशा में एक निर्णायक कदम है। हाल के वर्षों में चीन द्वारा रेयर अर्थ एलिमेंट्स के निर्यात पर नियंत्रण बढ़ाने से कई देशों की इंडस्ट्री प्रभावित हुई है। ऐसे में भारत का यह कदम रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
आत्मनिर्भर भारत और वैश्विक भूमिका
रेयर अर्थ कॉरिडोर की योजना आत्मनिर्भर भारत अभियान को मजबूती देने के साथ-साथ भारत को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में मजबूत स्थान दिलाने में मदद करेगी। इससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को भी बढ़ावा मिलेगा। बजट 2026 में की गई यह घोषणा न केवल आर्थिक दृष्टि से अहम है, बल्कि भारत की रणनीतिक और औद्योगिक सुरक्षा को भी नई दिशा देने वाली मानी जा रही है।

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