51 लाख से ज्यादा कर्मचारियों को फायदा
नई व्यवस्था का सबसे बड़ा असर उन कर्मचारियों पर पड़ेगा, जिनका मासिक वेतन 15,000 से 25,000 रुपये के बीच है। सरकार के अनुमान के मुताबिक इस बदलाव से 51 लाख से अधिक अतिरिक्त कर्मचारी अनिवार्य EPFO कवरेज के दायरे में आ सकते हैं।
EPFO के दायरे में आने पर लागू नियमों के अनुसार कर्मचारियों को PF बचत के साथ पेंशन और बीमा सुरक्षा से भी जुड़ने का अवसर मिलेगा। इससे लंबे समय के लिए सामाजिक सुरक्षा का दायरा बढ़ेगा।
सरकार पर 11,339 करोड़ रुपये का खर्च
सरकार के मुताबिक वेतन सीमा बढ़ाने से सालाना सरकारी खर्च करीब 11,339 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। मौजूदा बजटीय सहायता लगभग 10,250 करोड़ रुपये है। पांच साल में अनुमानित खर्च करीब 56,696 करोड़ रुपये बताया गया है।
सरकार का कहना है कि वेतन सीमा में यह बदलाव बढ़ती आय और औपचारिक रोजगार के विस्तार को ध्यान में रखते हुए किया गया है। इससे ज्यादा कर्मचारियों को नौकरी के साथ दीर्घकालिक सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था से जोड़ने में मदद मिलेगी।

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