स्कूल से बाहर किशोरियों तक भी पहुंचेगी सुविधा
सरकार की योजना केवल विद्यालयों तक सीमित नहीं रहेगी। स्कूल छोड़ चुकीं और विद्यालय नहीं जाने वाली किशोरियों को भी इस सुविधा से जोड़ने पर जोर दिया गया है। खासतौर पर वंचित समूहों की किशोरियों तक सैनिटरी नैपकिन और जरूरी स्वास्थ्य संबंधी सेवाएं पहुंचाने की व्यवस्था तैयार की जाएगी।
माहवारी से पहले दी जाएगी जरूरी जानकारी
विद्यालयों में किशोरियों के लिए माहवारी स्वास्थ्य एवं स्वच्छता से संबंधित जागरूकता कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे। छात्राओं को माहवारी शुरू होने से पहले ही आवश्यक जानकारी देने पर जोर रहेगा। साथ ही इससे जुड़े मिथकों और सामाजिक झिझक को दूर करने के लिए डिजिटल माध्यमों सहित विभिन्न संचार साधनों का इस्तेमाल किया जाएगा।
कई योजनाओं को एक साथ लाने की तैयारी
चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के अपर मुख्य सचिव अमित कुमार घोष की अध्यक्षता में हुई राज्य स्तरीय बैठक में विभिन्न विभागों के बीच बेहतर तालमेल पर चर्चा हुई। माहवारी स्वास्थ्य एवं स्वच्छता से जुड़ी अलग-अलग योजनाओं को एकीकृत कर राज्य स्तरीय नीति विकसित करने की दिशा में भी फैसला लिया गया है।
इस नीति का उद्देश्य किशोरियों को स्वच्छता संबंधी सुविधाएं आसानी से उपलब्ध कराना और सेवाओं को अधिक व्यवस्थित बनाना है। संबंधित विभागों को समयबद्ध तरीके से काम पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि विद्यालयों में छात्राओं के लिए सुरक्षित और स्वच्छ माहौल सुनिश्चित किया जा सके।

0 comments:
Post a Comment