केंद्रीय कर्मचारियों के बीमा में बदलाव की तैयारी? 8वें वेतन आयोग से जुड़ी बड़ी खबर

नई दिल्ली। 8वें वेतन आयोग को लेकर केंद्रीय कर्मचारियों की मांगें केवल वेतन, पेंशन और भत्तों तक सीमित नहीं हैं। कर्मचारी संगठनों ने Central Government Employees Group Insurance Scheme (CGEGIS) में भी बदलाव की मांग उठाई है। उनका तर्क है कि मौजूदा बीमा सुरक्षा आज की आर्थिक जरूरतों के मुकाबले बढ़ाई जानी चाहिए।

CGEGIS में क्या बदलने की मांग?

CGEGIS कर्मचारियों को बीमा सुरक्षा के साथ बचत का लाभ देने वाली योजना है। कर्मचारी संगठनों के अनुसार इसके बीमा स्लैब लंबे समय से पर्याप्त रूप से अपडेट नहीं हुए हैं। केंद्र का व्यय विभाग फिलहाल 2026 में भी इस योजना के तहत तिमाही लाभ तालिकाएं जारी कर रहा है।

₹1 करोड़ से ₹3 करोड़ तक कवर का प्रस्ताव

Federation of National Postal Organisations (FNPO) ने ग्रुप C के लिए ₹1 करोड़, ग्रुप B के लिए ₹1.5 करोड़ और ग्रुप A के लिए ₹3 करोड़ तक बीमा कवर का सुझाव दिया है। संगठन ने इसके साथ अलग-अलग मासिक योगदान की व्यवस्था का भी प्रस्ताव रखा है। वहीं Ministerial Staff Association (MSA), Survey of India ने मौजूदा बीमा कवर को कम से कम 10 गुना बढ़ाने की मांग रखी है। ये सभी फिलहाल कर्मचारी संगठनों के प्रस्ताव हैं, अंतिम सरकारी फैसला नहीं।

बीमा हिस्से को बढ़ाने का सुझाव

FNPO ने योजना में बीमा और बचत के अनुपात को 70:30 करने तथा DA 50 फीसदी से ऊपर जाने पर बीमा कवर में स्वतः 25 फीसदी वृद्धि का सुझाव भी दिया है। 7वें वेतन आयोग ने भी CGEGIS के लिए इससे अधिक बीमा कवर की सिफारिश की थी, हालांकि वह प्रस्ताव मौजूदा योजना में उसी रूप में लागू नहीं हुआ। फिलहाल इन मांगों पर चर्चा का दौर है। इसलिए कर्मचारियों को प्रस्तावित रकम को मंजूर लाभ नहीं, बल्कि 8वें वेतन आयोग के सामने रखी गई मांगों के रूप में देखना चाहिए।

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