चार मंजिला होंगे नए भवन
योजना के तहत 27 जिलों में कुल 29 स्थानों पर जी+3 संरचना वाले भवन बनाए जाएंगे। इसके लिए करीब एक से डेढ़ एकड़ जमीन चिह्नित की जा चुकी है। मधुबनी और समस्तीपुर में दो-दो भवन प्रस्तावित हैं। तकनीकी मंजूरी के बाद निर्माण की जिम्मेदारी भवन निर्माण विभाग को दी जाएगी।
स्कूल-कॉलेजों पर निर्भरता होगी कम
अभी कई प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए स्कूल और कॉलेजों को परीक्षा केंद्र बनाया जाता है। इससे वहां नियमित पढ़ाई और आंतरिक परीक्षाओं का कार्यक्रम प्रभावित होता है। नए केंद्र तैयार होने के बाद ऐसी परीक्षाओं के लिए शिक्षण संस्थानों पर निर्भरता घटेगी और विद्यार्थियों की पढ़ाई सुचारु रखने में मदद मिलेगी।
एक साथ 4 हजार अभ्यर्थियों की क्षमता
प्रस्तावित भवनों में करीब 4,000 परीक्षार्थियों के बैठने की व्यवस्था होगी। यहां सीसीटीवी निगरानी, उत्तरपुस्तिकाओं के सुरक्षित भंडारण, मूल्यांकन, बारकोडिंग और स्कैनिंग जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। यानी परीक्षा से जुड़ी कई प्रक्रियाएं एक ही परिसर में पूरी की जा सकेंगी।
स्ट्रांग रूम और सुरक्षा की भी सुविधा
वज्रगृह में परीक्षा की गोपनीय सामग्री को सुरक्षित रखने की व्यवस्था होगी। जरूरत पड़ने पर चुनाव से जुड़ी संवेदनशील सामग्री भी यहां रखी जा सकेगी। भवनों में 24 घंटे CCTV निगरानी, फायर अलार्म और अग्निशमन व्यवस्था जैसी सुरक्षा सुविधाएं भी होंगी।
बिहार के इन जिलों को मिलेगा फायदा
बक्सर, नवादा, औरंगाबाद, जहानाबाद, रोहतास, कैमूर, नालंदा, भोजपुर, पश्चिमी व पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, लखीसराय, बेगूसराय, जमुई, खगड़िया, वैशाली, सीवान, गोपालगंज, मधेपुरा, सुपौल, शेखपुरा, बांका, किशनगंज, अररिया, कटिहार, मधुबनी और समस्तीपुर समेत चिन्हित जिलों में यह ढांचा तैयार किया जाएगा।

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