3300 मेगावाट बढ़ी उपलब्धता
पिछले तीन दिनों में अलग-अलग बिजली परियोजनाओं से उत्पादन बढ़ने के साथ प्रदेश की कुल बिजली उपलब्धता करीब 3300 मेगावाट बढ़ी है। शुक्रवार को 660 मेगावाट की घाटमपुर और 200 मेगावाट की ओबरा यूनिट से भी उत्पादन शुरू हो गया। इसके अलावा दूसरे राज्यों से बिजली बैंकिंग के जरिए करीब 2400 मेगावाट बिजली मिल रही है।
रात में औसतन 28 मिनट की कटौती
अपर मुख्य सचिव ऊर्जा एवं पावर कॉरपोरेशन के अध्यक्ष डॉ. आशीष कुमार गोयल के मुताबिक, अब प्रदेश में 27 हजार मेगावाट से ज्यादा बिजली की आपूर्ति की जा रही है। दिन के समय प्रदेशभर में कटौती से राहत है, जबकि रात में औसतन करीब 28 मिनट की कटौती हो रही है।
जल्द सामान्य हो सकती है स्थिति
बिजली संकट के पीछे कोयले की उपलब्धता में कमी, कुछ तापीय इकाइयों में तकनीकी दिक्कत और नेपाल में आई आपदा समेत कई कारण रहे हैं। अब हालात सुधरने के साथ विभाग को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में सप्लाई और बेहतर होगी।
रोजा की 300 मेगावाट यूनिट के भी एक-दो दिन में शुरू होने की उम्मीद है। वहीं महीने के अंत तक ओबरा, हरदुआगंज और मेजा की विभिन्न इकाइयों से करीब 2000 मेगावाट अतिरिक्त उत्पादन मिलने की संभावना जताई गई है। इससे रात की कटौती में और कमी आने की उम्मीद है।

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