1. गलत जमाबंदी का खुद होगा सुधार
जिन जमाबंदियों में त्रुटियां हैं, उन्हें चिह्नित कर आवश्यक सुधार करने का निर्देश दिया गया है। पहले जमाबंदी की गलती के कारण जिन आवेदनों को खारिज किया जा चुका है, उनकी भी दोबारा समीक्षा होगी। जरूरत के अनुसार रिकॉर्ड दुरुस्त कर मामलों का समाधान किया जाएगा।
2. लापरवाही पर अधिकारियों की जवाबदेही
राजस्व महाअभियान में बड़ी संख्या में आवेदन खारिज होने के मामले को भी गंभीरता से लिया गया है। समीक्षा के दौरान सारण जिले के परसा, अमनौर और दरियापुर अंचल के सीओ के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए। सरकार ने साफ किया है कि राजस्व कार्यों में लापरवाही को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।
3. भू-अर्जन में तेजी लाने के निर्देश
विकास परियोजनाओं के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया में भी अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से काम करने को कहा गया है। नोटिस मिलने के 14 दिन बाद संबंधित पक्ष को रिमाइंडर भेजने का निर्देश है। अदालत में चल रहे मामलों की जानकारी भी निदेशालय तक पहुंचाने और लीगल सेल से उनकी समीक्षा कराने को कहा गया है।
4. वासभूमि के लिए पटना जाने की जरूरत नहीं
वासभूमि के लिए आवेदन करने वाले भूमिहीन लाभार्थियों को अब राज्य मुख्यालय के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं है। आवेदन अपने अंचल कार्यालय में ही जमा किया जा सकता है। आवेदन लेने के बाद कार्यालय को रसीद भी देनी होगी। आवेदन स्वीकार न होने के कारण किसी व्यक्ति को पटना जाना पड़ा तो संबंधित अंचल अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी।

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