डिजिटल निगरानी से कम हुई खाद की खपत
कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा के मुताबिक, FSAS पर बिक्री दर्ज होने से सरकार को खाद की वास्तविक खपत और वितरण की जानकारी मिल रही है। उनके अनुसार इस व्यवस्था के बाद राज्य में उर्वरक की खपत में करीब 35 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। वहीं, 2 अक्टूबर से सभी जिलों में QR कोड व्यवस्था लागू करने की घोषणा की गई है।
7.50 लाख किसानों ने अपनाया QR कोड
अब तक बिहार में 7.50 लाख से अधिक किसान QR कोड के जरिए खाद खरीद चुके हैं। सरकार का कहना है कि डिजिटल रिकॉर्ड बनने से खाद वितरण में पारदर्शिता बढ़ी है और अनावश्यक खपत को नियंत्रित करने में मदद मिल रही है। किसानों को ICAR के निर्धारित मानकों के अनुरूप उर्वरक उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया जा रहा है।
कालाबाजारी पर सरकार की नजर
नई व्यवस्था का एक अहम उद्देश्य खाद की कालाबाजारी और अनियमित बिक्री पर रोक लगाना भी है। कृषि विभाग अवैध दुकानों और गोदामों की पहचान कर कार्रवाई करने की तैयारी में है। मंत्री ने स्पष्ट किया है कि किसानों को खाद उचित मात्रा और निर्धारित कीमत पर उपलब्ध कराने में किसी तरह की गड़बड़ी मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
शिकायत के लिए हेल्पलाइन जारी
खाद को लेकर किसी किसान को परेशानी होती है तो वह अपनी शिकायत किसान हेल्पलाइन 1800-180-1551 पर दर्ज करा सकता है। इसके अलावा विभाग के WhatsApp नंबर 7766085888 पर भी शिकायत या समस्या की जानकारी दी जा सकती है। सरकार ने अवैध खाद दुकानों या गोदामों की सूचना देने वालों को प्रोत्साहित करने की भी बात कही है।
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