दो चरणों में मिली मंजूरी
बैठक में 44 परियोजनाओं को स्टेज-1 क्लीयरेंस दिया गया, जिनका प्रस्तावित निवेश ₹466.26 करोड़ है। वहीं, 12 अन्य परियोजनाओं के लिए करीब ₹940.82 करोड़ के वित्तीय प्रोत्साहन को स्वीकृति मिली। बैठक की अध्यक्षता उद्योग सचिव कुंदन कुमार ने की।
निवेशकों के लिए प्रक्रिया आसान
बैठक में सिर्फ निवेश प्रस्तावों पर फैसला ही नहीं हुआ, बल्कि कारोबार शुरू करने और आगे बढ़ाने में आने वाली व्यावहारिक दिक्कतों पर भी चर्चा की गई। सरकार का जोर मंजूरी की प्रक्रिया को अधिक सरल, पारदर्शी और तेज बनाने पर है, ताकि निवेशकों को अनावश्यक परेशानी न हो।
कई सेक्टर की परियोजनाएं शामिल
स्वीकृत और विचाराधीन प्रस्तावों में पैकेजिंग, स्टील फैब्रिकेशन, पेपर मिल, डेयरी, खाद्य प्रसंस्करण, पेय पदार्थ और वेयरहाउसिंग जैसे अलग-अलग क्षेत्रों की परियोजनाएं शामिल हैं। इनमें एमवीएस पैकेजिंग, धनवी स्टील फैब्रिकेशंस, शांता मणि पेपर मिल्स, मिल्कवेल डेयरी, कात्यायनी डेयरी एंड एग्रो, सिंहजी फूड्स, एसएलएमजी बेवरेजेज और पशुपति इंडस्ट्रीज जैसी इकाइयां शामिल हैं।
रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद
बिहार में इन परियोजनाओं के आगे बढ़ने से औद्योगिक गतिविधियों को गति मिलने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर तैयार होने की उम्मीद है। सरकार का निवेश बढ़ाने और कारोबारी माहौल बेहतर करने का प्रयास राज्य की अर्थव्यवस्था के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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