पेंशनर्स के लिए बड़ी खुशखबरी! हर 3 महीने बदल सकता है DR, उठी नई मांग

नई दिल्ली। 8वें केंद्रीय वेतन आयोग की प्रक्रिया के बीच पेंशनर्स से जुड़े कई मुद्दे चर्चा में हैं। इनमें महंगाई राहत यानी DR की समीक्षा भी शामिल है। पेंशनर्स संगठनों की ओर से मौजूदा व्यवस्था में बदलाव के सुझाव दिए गए हैं, जिनमें DR को अधिक नियमित अंतराल पर संशोधित करने की मांग भी शामिल है।

तीन महीने में रिविजन का प्रस्ताव

भारत पेंशनर्स समाज ने सुझाव दिया है कि महंगाई में होने वाले बदलाव का असर पेंशनर्स तक जल्दी पहुंचाने के लिए DA और DR की समीक्षा हर तीन महीने में की जाए। इसके लिए तीन महीने के औसत आंकड़ों को आधार बनाने का प्रस्ताव रखा गया है।

फिलहाल केंद्रीय कर्मचारियों के DA और पेंशनर्स के DR में आम तौर पर साल में दो बार बदलाव होता है। अप्रैल 2026 में केंद्र सरकार ने 1 जनवरी 2026 से DR में 2 प्रतिशत की अतिरिक्त किस्त मंजूर की थी, जिससे दर 60 प्रतिशत हुई थी।

DR को पेंशन में जोड़ने की भी मांग

कुछ पेंशनर्स संगठनों ने DR को लेकर एक अलग सुझाव भी रखा है। इसमें एक निश्चित स्तर पर पहुंचने के बाद महंगाई राहत को बेसिक पेंशन में शामिल करने की बात कही गई है। साथ ही फिटमेंट फैक्टर की दोबारा समीक्षा और भविष्य में वेतन-पेंशन की नियमित समीक्षा के लिए स्थायी व्यवस्था बनाने का प्रस्ताव भी सामने आया है।

अभी सरकार का फैसला नहीं

इन मांगों को फिलहाल प्रस्ताव के तौर पर ही देखा जाना चाहिए। 8वें वेतन आयोग को सरकार ने वेतन, पेंशन और अन्य सेवा लाभों की समीक्षा की जिम्मेदारी दी है और आयोग को गठन की तारीख से 18 महीने में अपनी सिफारिशें देनी हैं।

इसलिए DR में हर तीन महीने बदलाव, उसे बेसिक पेंशन में शामिल करने या फिटमेंट फैक्टर में संशोधन जैसे मुद्दों पर अंतिम तस्वीर आयोग की सिफारिश और उसके बाद सरकार के फैसले से ही साफ होगी।

0 comments:

Post a Comment