65 रुपये से घटकर करीब 58.50 रुपये किलो
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अगस्त में चीनी का खुदरा भाव करीब 65 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया था। अब कीमत घटकर लगभग 58.50 रुपये किलो रह गई है। यानी उपभोक्ताओं को प्रति किलो करीब 6.50 रुपये की राहत मिली है। त्योहारों के दौरान मिठाई और अन्य खाद्य उत्पादों की मांग बढ़ने के बीच यह गिरावट महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
मिल स्तर पर कीमतों में 25% कमी
चीनी की एक्स-मिल कीमत में भी करीब 25 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि मिल कीमतों में आई कमी का पूरा असर अभी खुदरा बाजार में दिखाई नहीं दिया है। खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग ने कारोबारियों से कीमतों में आई राहत का फायदा ग्राहकों तक पहुंचाने की अपील की है।
बड़े उपभोक्ताओं को 30 दिन का स्टॉक
त्योहारी मांग को ध्यान में रखते हुए सरकार ने उन बड़े थोक उपभोक्ताओं के लिए स्टॉक लिमिट बढ़ा दी है, जो हर महीने 10 टन से अधिक चीनी कच्चे माल के तौर पर इस्तेमाल करते हैं। पहले ऐसे कारोबारी अधिकतम 15 दिन की खपत का स्टॉक रख सकते थे, अब यह सीमा 30 दिन कर दी गई है। इसमें मिठाई, बिस्किट, कन्फेक्शनरी, सॉफ्ट ड्रिंक और दूसरे खाद्य एवं पेय कारोबार शामिल हैं।
अतिरिक्त स्टॉक के लिए जरूरी होगी शर्त
सरकार ने अतिरिक्त 15 दिनों का स्टॉक रखने के लिए घरेलू खुले बाजार से खरीद की छूट नहीं दी है। यह अतिरिक्त मात्रा AAS या TRQ के तहत आयातित चीनी से ही रखी जा सकेगी। घरेलू बाजार से खरीदी गई चीनी के मामले में 15 दिन की खपत वाली सीमा लागू रहेगी।

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