केंद्र सरकार का बड़ा कदम, लाखों किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी

नई दिल्ली। खेती में सिंचाई की लागत घटाने और स्वच्छ ऊर्जा को गांवों तक पहुंचाने की दिशा में केंद्र सरकार की सौर ऊर्जा योजनाओं का दायरा लगातार बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 19 सितंबर को नई दिल्ली में राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) के अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में भारत की क्लीन एनर्जी यात्रा का उल्लेख करते हुए बताया कि इसका लाभ अब घरों के साथ कृषि क्षेत्र तक भी पहुंच रहा है।

किसानों को सोलर पंप का लाभ

पीएम-कुसुम योजना के जरिए किसानों को सौर ऊर्जा आधारित सिंचाई की सुविधा मिल रही है। अगस्त 2026 तक सरकारी आंकड़ों के मुताबिक करीब 11.49 लाख ऑफ-ग्रिड सोलर कृषि पंप लगाए जा चुके हैं और 15.89 लाख से अधिक कृषि पंपों को फीडर स्तर पर सोलराइजेशन के दायरे में लाया गया है। योजना के तहत 21.77 लाख से अधिक किसान लाभान्वित हुए हैं।

इस व्यवस्था से खेती में डीजल पर निर्भरता कम करने के साथ किसानों को सिंचाई के लिए सौर ऊर्जा का इस्तेमाल करने का विकल्प मिलता है। कुछ घटकों में किसान अतिरिक्त बिजली को निर्धारित व्यवस्था के तहत डिस्कॉम को बेच भी सकते हैं।

50 लाख से ज्यादा रूफटॉप सोलर

क्लीन एनर्जी का विस्तार केवल खेतों तक सीमित नहीं है। पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के तहत अगस्त 2026 तक देशभर में 50.06 लाख से अधिक परिवारों को रूफटॉप सोलर से जोड़ा जा चुका था। करीब 19 लाख परिवारों को शून्य बिजली बिल मिलने की जानकारी भी सरकार ने दी है।

सौर ऊर्जा क्षमता में बड़ा विस्तार

भारत की कुल स्थापित सौर ऊर्जा क्षमता भी पिछले वर्षों में तेजी से बढ़ी है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार 2014 में यह करीब 2.8 गीगावॉट थी, जो जुलाई 2026 तक बढ़कर 164.59 गीगावॉट पहुंच गई। इससे साफ है कि सौर ऊर्जा अब देश के ऊर्जा ढांचे का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी है।

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