हालांकि, अतिरिक्त 15 दिनों का भंडार खुले बाजार से खरीदी गई चीनी का नहीं हो सकता। यह मात्रा केवल टैरिफ रेट कोटा (TRQ) या एडवांस ऑथराइजेशन स्कीम (AAS) के तहत आयात की गई चीनी से रखी जा सकेगी। सामान्य बाजार से खरीद पर 15 दिन की सीमा पहले जैसी ही रहेगी।
हर शुक्रवार देनी होगी स्टॉक की जानकारी
सरकार ने चीनी के भंडार पर नजर रखने के लिए ऑनलाइन रिपोर्टिंग व्यवस्था भी लागू की है। थोक उपभोक्ताओं को प्रत्येक शुक्रवार अपने पास मौजूद चीनी के स्टॉक की जानकारी खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के पोर्टल पर दर्ज करनी होगी। इससे बाजार में उपलब्धता और सप्लाई पर निगरानी रखने में मदद मिलेगी।
खुदरा कीमतों पर भी सरकार की नजर
सरकार के अनुसार चीनी की मिल स्तर की कीमतों में करीब 25 प्रतिशत की कमी आई है, जबकि खुदरा कीमत अगस्त के ₹65 प्रति किलो के स्तर से घटकर लगभग ₹58.50 हो गई है। सरकार ने व्यापारियों और खुदरा विक्रेताओं से कम कीमत का लाभ ग्राहकों तक पहुंचाने की अपील की है।
किसानों के लिए भी अहम फैसला
1 अक्टूबर 2026 से शुरू होने वाले नए चीनी सीजन में गन्ने का उचित एवं लाभकारी मूल्य (FRP) ₹365 प्रति क्विंटल रहेगा। सरकार ने कहा है कि चीनी की उपलब्धता और कीमतों की स्थिति पर लगातार निगरानी जारी रहेगी।

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