13 गांवों को चकबंदी प्रक्रिया से किया गया अलग
चकबंदी आयुक्त डॉ. हृषिकेश भास्कर यशोद के निर्देश पर उत्तर प्रदेश के छह जिलों के 13 गांवों को जोत चकबंदी अधिनियम की धारा-6(1) के तहत प्रक्रिया से बाहर किया गया है। इन गांवों में कई मामले लंबे समय से आगे नहीं बढ़ पा रहे थे।
मैनपुरी के भांती गांव में चकबंदी 35 साल से लंबित थी। वहीं बदायूं के सिरतौल में 14 साल और उन्नाव के दरौली, पीखी, सर्लीद व निहालपुर तथा लखनऊ के शिवपुरी में करीब 12 साल से प्रक्रिया अटकी थी। बरेली के कादरगंज में भी मामला 10 साल पुराना था।
लंबे इंतजार के बाद एक गांव में पूरी हुई प्रक्रिया
दूसरी ओर मुजफ्फरनगर के पीपलशाह गांव के लिए राहत की खबर है। यहां करीब 16 वर्षों से चल रही चकबंदी प्रक्रिया को जोत चकबंदी अधिनियम की धारा-52(1) के तहत पूरा कर लिया गया है। अलग-अलग गांवों में चकबंदी अटकने के पीछे विकास योजनाओं में जमीन का शामिल होना, नदी कटान, चकबंदी योग्य क्षेत्र 40 प्रतिशत से कम रह जाना और औद्योगिक क्षेत्र में आना जैसे कारण रहे हैं। ऐसे मामलों को नियमों के अनुसार आगे बढ़ाने या प्रक्रिया से अलग करने का काम किया जा रहा है।

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