विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियां सबसे बड़ा हिस्सा
भारत के फॉरेक्स रिजर्व में विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा है। 4 सितंबर तक इसका मूल्य 648.17 अरब डॉलर दर्ज किया गया था। इस दौरान इसमें करीब 47.50 अरब डॉलर की जोरदार बढ़ोतरी हुई। मार्च के अंत के मुकाबले एफसीए में करीब 95.89 अरब डॉलर की वृद्धि हुई थी।
सोने के भंडार में भी मजबूत स्थिति
देश के पास मौजूद स्वर्ण भंडार का मूल्य 4 सितंबर तक 113.816 अरब डॉलर रहा। पिछले साल की समान अवधि की तुलना में इसमें करीब 23.52 अरब डॉलर की बढ़ोतरी दर्ज हुई। हालांकि मार्च के अंत की तुलना में इसमें मामूली कमी रही।
IMF से जुड़े भंडार भी बढ़े
भारत की IMF में स्पेशल ड्रॉइंग राइट्स होल्डिंग 18.806 अरब डॉलर रही। वहीं IMF के साथ रिजर्व पोजीशन करीब 4.916 अरब डॉलर दर्ज की गई। कुल मिलाकर मार्च के अंत से विदेशी मुद्रा भंडार में करीब 94.60 अरब डॉलर की बढ़ोतरी हुई है।
विदेशी मुद्रा भंडार का ऊंचा स्तर किसी भी देश के लिए आर्थिक सुरक्षा कवच की तरह काम करता है। वैश्विक बाजार में उतार-चढ़ाव, रुपये पर दबाव या बाहरी आर्थिक चुनौतियों के दौरान मजबूत रिजर्व भारत को अतिरिक्त वित्तीय सहारा देता है।

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