इस सेवा में सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए वाहनों में SOS सुविधा और लाइव लोकेशन ट्रैकिंग जैसी व्यवस्थाएं प्रस्तावित हैं। 24 घंटे निगरानी के साथ किसी आपात स्थिति में कंट्रोल रूम पुलिस से तुरंत संपर्क कर सकेगा।
महिलाओं को मिलेगा ड्राइविंग का प्रशिक्षण
'सारथी दीदी' से महिलाओं के लिए रोजगार का रास्ता भी खुल सकता है। इसके तहत इच्छुक महिलाओं को ई-रिक्शा, दोपहिया और कैब चलाने की ट्रेनिंग देने की योजना है। सेवा को शहरों तक सीमित रखने के बजाय गांवों में भी पहुंचाने की तैयारी है।
गांवों में भी बढ़ेगी परिवहन सुविधा
ग्रामीण इलाकों में इस व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पैक्स (प्राथमिक कृषि ऋण समितियों) को जोड़ने की योजना है। इनके जरिए राइड-हेलिंग और डिलीवरी सेवाओं का विस्तार किया जा सकता है। इससे गांवों से बाजार, अस्पताल, रेलवे स्टेशन, बस अड्डे और आसपास के शहरों तक आने-जाने में सुविधा मिलने की उम्मीद है।
सुरक्षा के साथ रोजगार पर जोर
'सारथी दीदी' मॉडल में महिला सुरक्षा, रोजगार और डिजिटल परिवहन को एक साथ जोड़ने की कोशिश की जा रही है। खासकर पढ़ाई, नौकरी या जरूरी काम के लिए अकेले सफर करने वाली महिलाओं को इससे सुरक्षित यात्रा का विकल्प मिल सकता है। साथ ही परिवहन क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने का अवसर भी तैयार होगा।
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