बच्चों की शिकायतों के लिए अलग व्यवस्था
नई व्यवस्था के तहत नाबालिग बच्चों से संबंधित शिकायतों और सहायता की मांग को प्राथमिकता के साथ सुना जाएगा। डेस्क को थाने के ऐसे स्थान पर बनाया जाएगा, जहां बच्चे और उनके अभिभावक आसानी से पहुंच सकें। इसे पुलिस लॉकअप से अलग रखा जाएगा, ताकि बच्चों के लिए माहौल अधिक सहज रहे।
डेस्क पर चाइल्ड वेलफेयर पुलिस ऑफिसर और जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी के नाम, पद और मोबाइल नंबर स्पष्ट रूप से लगाए जाएंगे। ये संपर्क नंबर 24 घंटे सक्रिय रहेंगे। शिकायत मिलने के बाद निर्धारित समय में कार्रवाई करने के साथ उसका रिकॉर्ड भी सुरक्षित रखा जाएगा।
लड़कियों के मामलों में महिला पुलिसकर्मी
नाबालिग लड़कियों से जुड़े मामलों में जरूरत के अनुसार महिला पुलिसकर्मियों की प्रतिनियुक्ति भी की जाएगी। बाल सहायता डेस्क की निगरानी विशेष किशोर पुलिस इकाई के प्रभारी डीएसपी और जिला स्तर के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा की जाएगी। पुलिस मुख्यालय ने जिलों से 5 अक्टूबर तक अनुपालन रिपोर्ट भी मांगी है।
थानों में महिला हेल्प डेस्क भी
बिहार के थानों में महिलाओं की शिकायतों के लिए पहले से महिला हेल्प डेस्क की व्यवस्था है। यहां महिलाओं से संबंधित समस्याओं को सुना और उनका समाधान किया जाता है। बाद में ट्रांसजेंडर समुदाय से जुड़ी शिकायतों को भी इन डेस्क के माध्यम से सुनने का निर्देश दिया गया है। इसके लिए प्रशिक्षित महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है।

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