बिहार सरकार का फैसला, किसानों को 5.40 लाख तक की सब्सिडी

पटना: बिहार में मोटे अनाजों की प्रोसेसिंग को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने किसानों और कृषि से जुड़े उद्यमियों के लिए सब्सिडी योजना शुरू की है। इसके तहत किसान, एफपीओ, उद्यमी और अन्य पात्र पंजीकृत संस्थाएं प्रोसेसिंग यूनिट लगाने के लिए आर्थिक सहायता का लाभ ले सकती हैं।

सामान्य और एससी-एसटी वर्ग के लिए अलग अनुदान

योजना में सामान्य वर्ग के आवेदकों को परियोजना लागत का 40 प्रतिशत या अधिकतम 4.32 लाख रुपये तक अनुदान मिल सकता है। वहीं अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लिए 50 प्रतिशत या अधिकतम 5.40 लाख रुपये तक सब्सिडी का प्रावधान है। यह सहायता केवल मशीनरी की खरीद पर मिलेगी। जमीन, बिजली कनेक्शन और अन्य खर्च आवेदक को खुद वहन करने होंगे।

योजना का लाभ लेने के लिए कुछ शर्तें भी रखी गई हैं। आवेदक की उम्र कम से कम 21 वर्ष होनी चाहिए। एफपीओ को कम से कम दो साल से पंजीकृत और संचालित होना जरूरी है। परियोजना में आवेदक को न्यूनतम 15 प्रतिशत अपनी पूंजी लगानी होगी और बैंक ऋण लेना भी अनिवार्य है।

मशीनरी और यूनिट को लेकर नियम

प्रोसेसिंग यूनिट की क्षमता 100 से 200 किलो प्रति घंटा निर्धारित की गई है। मशीनरी BIS मानकों के अनुरूप होनी चाहिए और FSSAI से संबंधित नियमों का पालन भी जरूरी होगा। मशीन की खरीद OFMAS पोर्टल पर सूचीबद्ध विक्रेता से करने पर ही अनुदान का लाभ मिलेगा।

स्वीकृति के बाद सब्सिडी डीबीटी के जरिए बैंक खाते में भेजी जाएगी। योजना के तहत स्थापित यूनिट को कम से कम तीन साल तक संचालित करना होगा।

आवेदन कैसे करें?

इच्छुक आवेदक को डीपीआर, बैंक ऋण स्वीकृति या सहमति पत्र, आधार, बैंक विवरण और संस्था होने पर पंजीकरण प्रमाणपत्र जैसे दस्तावेज तैयार रखने होंगे। आवेदन farmech.bihar.gov.in या Bihar Krishi App के माध्यम से किया जा सकता है।

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