शिशुओं में बौनेपन का कारण है प्रेग्नेंसी के दौरान मां के शरीर में आयोडीन की कमी

हेल्थ डेस्क: आज के वर्तमान समय में बहुत से बच्चे ऐसे हैं जो बौनेपन का शिकार हैं। इसका सबसे बड़ा कारण प्रेग्नेंसी के समय महिलाओं के शरीर में आयोडीन की कमी हैं। आज इसी विषय में मेडिकल साइंस के द्वारा जानने की कोशिश करेंगे की शिशुओं में बौनेपन का कारण है प्रेग्नेंसी के दौरान मां के शरीर में आयोडीन की कमी। तो आइये इसके बारे में जानते हैं विस्तार से। 
शिशुओं में बौनापन:
अक्सर गर्भवती महिला के शरीर में उचित पोषण का अभाव होता है। जिसका प्रभाव महिलाओं के साथ साथ उसके गर्भ में पल रहे बच्चे के विकास पर भी पड़ता हैं। इससे बच्चे का विकास प्रभावित होता हैं। बच्चे के सही विकास और विकास को सुनिश्चित करने के लिए एक गर्भवती महिला को आयोडीन का सेवन करना चाहिए। क्यों की आयोडीन की कमी से गर्भ में पल रहे बच्चे का दिमाग ठीक तरीकों से विकसित नहीं हो पाता हैं। जिससे बच्चा मंदबुद्धि और बौनेपन का शिकार हो जाता हैं। 

गर्भावस्था के दौरान महिलाओं के शरीर में आयोडीन की कमी जन्म के बाद बच्चे की वृद्धि और विकास पर गहरा प्रभाव डाल सकती है। यह बच्चे के मानसिक विकास को प्रतिबंधित करता है और शारीरिक विकास को बाधित करता है। यह हानि तब शुरू होती है जब बच्चा गर्भ में होता है और बच्चे पर आजीवन प्रभाव छोड़ता है। इसलिए सभी महिलाओं को इसका ख्याल रखना चाहिए। 

आयोडीन की कमी को दूर करने के उपाय:
आयोडीन की कमी को दूर करने के लिए गर्भवती महिला को गर्भावस्था में पनीर, अंडे, चिंराट, दूध, टूना और दही का सेवन करना चाहिए। क्यों की इसमें भरपूर मात्रा में आयोडीन मिलता है। 

आयोडीन के महिलाएं केले, स्ट्रॉबेरी जैसे फल का सेवन कर सकती हैं इसमें भी आयोडीन की मात्रा भरपूर होती हैं। 
हरी पत्तेदार सब्जियां, प्याज और शकरकंद जैसी सब्जियां में भी आयोडीन मौजूद होता हैं।  
आयोडीन के लिए मूंगफली, जौ, आदि जैसे अनाज, नट और फलियां हैं भी लाभकारी साबित होता हैं। इसलिए सभी गर्भवती महिला को गर्भावस्था में इन चीजों का सेवन करना चाहिए। इससे थायराइड की बीमारी होने के चांस भी कम जाते हैं और शरीर सेहतमंद रहता हैं। 

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