मंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य राज्य के हर कोने को बेहतर, सुरक्षित और सुगम सड़क सुविधा से जोड़ना है, ताकि लोगों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक जाने में किसी तरह की परेशानी न हो। इसके तहत स्टेट हाइवे, जिला पथ और ग्रामीण सड़कों को भी न्यूनतम दो लेन का बनाया जाएगा।
स्टेट हाइवे नेटवर्क होगा और मजबूत
बिहार में फिलहाल नेशनल हाइवे का घनत्व राष्ट्रीय औसत से कम है, ऐसे में राज्य सरकार स्टेट हाइवे पर विशेष ध्यान दे रही है। वर्तमान में राज्य में 3617 किलोमीटर लंबे स्टेट हाइवे हैं, जिनमें से करीब 3100 किलोमीटर सड़कों को पहले ही टू लेन या फोर लेन में अपग्रेड किया जा चुका है। इसके अलावा लगभग 314 किलोमीटर सड़कों के चौड़ीकरण को भी स्वीकृति मिल चुकी है। इतना ही नहीं, सरकार ने करीब 3000 किलोमीटर नए स्टेट हाइवे के निर्माण की योजना की भी घोषणा की है, जिस पर विभागीय स्तर पर प्रक्रिया जारी है।
जिला और ग्रामीण सड़कों का होगा कायाकल्प
पथ निर्माण विभाग के अधीन वर्तमान में लगभग 16,784 किलोमीटर जिला पथ हैं, जिनमें से करीब 5,343 किलोमीटर सड़कें अभी भी सिंगल लेन हैं। इनमें से लगभग 2000 किलोमीटर सड़कों का चौड़ीकरण कार्य प्रगति पर है, जबकि शेष सड़कों को भी आने वाले समय में टू लेन बनाया जाएगा। ग्रामीण इलाकों में भी चरणबद्ध तरीके से सिंगल लेन सड़कों को चौड़ा करने का लक्ष्य तय किया गया है। सरकार का स्पष्ट कहना है कि भविष्य में बिहार में पथ निर्माण विभाग के अंतर्गत कोई भी सिंगल लेन सड़क नहीं बचेगी।
नारायणी-गंगा ग्रीनफील्ड कॉरिडोर से सुधरेगी कनेक्टिविटी
पश्चिम चंपारण से भोजपुर जिले तक नारायणी-गंगा ग्रीनफील्ड हाई-स्पीड कॉरिडोर बनाने की भी घोषणा की गई है। यह सड़क बगहा में एनएच-727 से शुरू होकर भोजपुर तक जाएगी। इस परियोजना से उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच आवागमन आसान होगा। सारण, सीवान और गोपालगंज जिलों के लोगों को भी इस कॉरिडोर का सीधा लाभ मिलेगा, जिससे व्यापार, आवागमन और क्षेत्रीय विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।
पशुपति नाथ से बाबा बैद्यनाथ धाम तक हाई-स्पीड कॉरिडोर
सरकार ने धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए भी बड़ी पहल की है। नेपाल स्थित पशुपति नाथ मंदिर से झारखंड के देवघर में स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम तक एक हाई-स्पीड कॉरिडोर बनाया जाएगा। इसके तहत बिहार में पश्चिमी चंपारण के वाल्मीकि नगर से झारखंड सीमा तक लगभग 250 किलोमीटर लंबा फोरलेन हाइवे विकसित किया जाएगा। यह कॉरिडोर खगड़िया, सहरसा, सुल्तानगंज और बांका जैसे जिलों से होकर गुजरेगा, जिससे श्रद्धालुओं को तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा का लाभ मिलेगा।

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