महाशिवरात्रि के तीन प्रमुख मंत्र
1 .महामृत्युंजय मंत्र – स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए
"ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।
उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥"
लाभ: यह मंत्र रोगों से मुक्ति दिलाने, अकाल मृत्यु से रक्षा करने और शरीर तथा मन को आरोग्य प्रदान करने में अत्यंत प्रभावी माना जाता है।
2 .शिव पंचाक्षरी मंत्र – मनोकामना पूर्ति और मानसिक शांति
"ॐ नमः शिवाय"
लाभ: इस मंत्र के जाप से मानसिक तनाव कम होता है, नकारात्मक शक्तियों का नाश होता है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है।
3 .रुद्र गायत्री मंत्र – ज्ञान और दुखों के नाश हेतु
"ॐ तत्पुरुषाय विदमहे महादेवाय धीमहि तन्नो रुद्र: प्रचोदयात्।"
लाभ: इस मंत्र के नियमित जाप से जीवन में आने वाले दुख और बाधाएं दूर होती हैं, और बुद्धि तथा विवेक की वृद्धि होती है।
महाशिवरात्रि पूजा विधि
सुबह स्नान करके स्वच्छ और हल्के कपड़े पहनें। शिवलिंग का अभिषेक जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा और भस्म से करें। रुद्राक्ष माला से मंत्रों का 11 या 108 बार जाप करें। विशेष रूप से रात के समय ध्यान और साधना करने से पुण्य फल कई गुना बढ़ जाता है।

0 comments:
Post a Comment