स्वर्ण भंडार में भारी कमी
केंद्रीय बैंक के आंकड़ों के अनुसार, इस गिरावट का मुख्य कारण स्वर्ण भंडार में आई कमी रही। उस सप्ताह भारत के स्वर्ण भंडार का मूल्य 14.208 अरब डॉलर घटकर 123.476 अरब डॉलर रह गया। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक स्तर पर सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव और अंतरराष्ट्रीय परिसंपत्तियों के पुनर्मूल्यांकन से यह बड़ा बदलाव हुआ।
विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों में बढ़त
स्वर्ण भंडार घटने के बावजूद विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों (Foreign Currency Assets) में तेजी देखी गई। कुल भंडार का यह हिस्सा 7.661 अरब डॉलर बढ़कर 570.053 अरब डॉलर पर पहुंच गया। इसमें डॉलर, यूरो, पाउंड और येन जैसी गैर-अमेरिकी मुद्राओं के मूल्य में होने वाले बदलाव शामिल हैं।
अन्य घटकों की क्या है पूरी स्थिति?
आरबीआई की रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि देश के विशेष आहरण अधिकार (SDR) और IMF आरक्षित स्थिति में मामूली गिरावट आई है। SDR में 132 मिलियन डॉलर की कमी हुई, जिससे यह 18.821 अरब डॉलर रह गया, जबकि IMF में 32 मिलियन डॉलर घटकर 4.715 अरब डॉलर पर आ गया।
विदेशी रिजर्व में गिरावट के क्या मायने?
आर्थिक विशेषज्ञों का कहना है कि विदेशी भंडार में यह उतार-चढ़ाव मुख्य रूप से वैश्विक सोने की कीमतों में बदलाव और विदेशी मुद्रा बाजार में केंद्रीय बैंक की हस्तक्षेप गतिविधियों के कारण हुआ। हालांकि, भारी गिरावट के बावजूद, भारत का विदेशी भंडार अभी भी वैश्विक स्तर पर मजबूत स्थिति में है, जो देश की अर्थव्यवस्था को बाहरी झटकों से सुरक्षा प्रदान करता है।
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