यह फैसला दोनों राज्यों की कृषि योजनाओं की समीक्षा के बाद लिया गया। अधिकारियों के साथ हुई बैठक में पहले जारी राशि के इस्तेमाल और योजनाओं की प्रगति की भी जानकारी ली गई।
राजस्थान के किसानों पर खास फोकस
राजस्थान के लिए मंजूर राशि से कृषि क्षेत्र से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। बैठक में किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) की स्थिति पर भी चर्चा हुई। कृषि मंत्री ने किसानों को समय पर और आसानी से ऋण सुविधा उपलब्ध कराने के लिए KCC व्यवस्था को बेहतर बनाने पर जोर दिया। इससे किसानों को खेती से जुड़ी जरूरतों के लिए वित्तीय सहायता हासिल करने में मदद मिल सकती है।
तेलंगाना में किसान पहचान पत्र मॉडल की तारीफ
तेलंगाना में किसानों के लिए विकसित किए गए किसान पहचान पत्र और उर्वरक वितरण मॉडल की केंद्रीय मंत्री ने सराहना की। इस तरह की डिजिटल व्यवस्था से किसानों को सरकारी सेवाएं अधिक पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराने में मदद मिलने की उम्मीद है। हालांकि, तेलंगाना में तिलहन और दलहन से जुड़ी कुछ परियोजनाओं की खर्च प्रगति धीमी पाए जाने पर चिंता भी जताई गई। राज्य सरकार को योजनाओं की नियमित निगरानी और समय पर क्रियान्वयन के निर्देश दिए गए।
सरकार के फैसले से कृषि क्षेत्र को मिलेगी नई रफ्तार
केंद्र से मिली यह राशि कृषि अवसंरचना, उत्पादकता बढ़ाने, इनपुट सहायता और किसान कल्याण से जुड़ी योजनाओं में इस्तेमाल की जाएगी। सरकार का जोर इस बात पर है कि स्वीकृत धनराशि का सही और समयबद्ध उपयोग हो, ताकि योजनाओं का लाभ जल्द से जल्द किसानों तक पहुंचाया जा सके।

0 comments:
Post a Comment