फलदार बाग और ड्रैगन फ्रूट पर बड़ी मदद
आम, अमरूद और पपीता जैसे फलदार पौधों की खेती करने वाले किसानों को 50 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर तक अनुदान दिया जाएगा। यह सहायता दो चरणों में मिलने का प्रावधान है। वहीं ड्रैगन फ्रूट जैसी विदेशी फसल की खेती को बढ़ावा देने के लिए किसानों को 2.70 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर तक सहायता दी जा रही है। इससे किसान पारंपरिक खेती के साथ अधिक मूल्य वाली फसलों की ओर बढ़ सकेंगे।
सब्जी-मसाले और मशीनों पर भी लाभ
योजना के तहत किसानों को कुछ सब्जियों के निशुल्क बीज और प्लास्टिक क्रेट उपलब्ध कराने का प्रावधान है। प्याज और लहसुन जैसी मसाला फसलों के बीज भी दिए जाएंगे। कद्दूवर्गीय सब्जियों की मचान विधि से खेती करने पर 10 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर तक सहायता मिल सकती है। इसके अलावा पावर टिलर, स्प्रेयर और मिनी ट्रैक्टर जैसी मशीनों की खरीद पर भी अनुदान दिया जाएगा। मशरूम यूनिट, प्लास्टिक मल्चिंग और फलों को सुरक्षित रखने के लिए फ्रूट बैग जैसी सुविधाओं पर भी सहायता का प्रावधान है।
आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज
योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को आधार कार्ड, बैंक पासबुक, जमीन की खतौनी या अन्य भूमि संबंधी दस्तावेज और दो पासपोर्ट साइज फोटो की जरूरत होगी। आवेदन और अपने जिले में उपलब्ध योजनाओं की जानकारी के लिए किसान संबंधित उद्यान विभाग कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं। सरकार की इस पहल से किसानों को बागवानी के साथ आधुनिक तकनीक अपनाने और खेती से अतिरिक्त आमदनी बढ़ाने का अवसर मिल सकता है।
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