लाइसेंस खत्म होने के बाद भी 30 दिन की राहत
नए नियमों के मुताबिक ड्राइविंग लाइसेंस की वैधता समाप्त होने के बाद भी अगले 30 दिनों तक इसे प्रभावी माना जाएगा। इसके अलावा लाइसेंस धारक निर्धारित अवधि से एक साल पहले तक नवीनीकरण करा सकेंगे। हालांकि नवीनीकरण की प्रभावी तारीख पुराने लाइसेंस की वैधता समाप्त होने के बाद ही मानी जाएगी।
वाहन से जुड़े मामलों में बढ़ेगी अपील की अवधि
वाहन के पंजीकरण और स्वामित्व हस्तांतरण से संबंधित मामलों में अपील के लिए मिलने वाली समय सीमा को बढ़ाया गया है। वहीं दावा आवेदन और उसके निस्तारण से जुड़े प्रावधानों में भी बदलाव किया गया है, जिससे संबंधित लोगों को प्रक्रिया पूरी करने के लिए अधिक समय मिल सकेगा।
पहली गलती पर चेतावनी, दोबारा उल्लंघन पर जुर्माना
सामान्य यातायात नियमों का पहली बार उल्लंघन करने वालों को कुछ मामलों में सीधे आर्थिक दंड की बजाय चेतावनी देने का प्रावधान किया गया है। अगर वही गलती दोबारा होती है तो 500 से 1,500 रुपये तक जुर्माना लगाया जा सकता है। हॉर्न और साइलेंसर से जुड़े नियमों में भी इसी तरह की व्यवस्था होगी। पहली बार गलती पर चेतावनी और दोबारा उल्लंघन करने पर 1,000 से 2,000 रुपये तक जुर्माना लगाया जा सकता है।
बिना बीमा वाहन चलाना पड़ेगा महंगा
बिना बीमा वाहन चलाने वालों के लिए भी नियम सख्त किए गए हैं। पहली बार पकड़े जाने पर बीमा की मूल प्रीमियम राशि के तीन गुना और दोबारा उल्लंघन करने पर पांच गुना तक पेनाल्टी का प्रावधान बताया गया है।
खराब सड़क से हादसा हुआ तो जिम्मेदारों पर कार्रवाई
नए प्रावधानों में सड़क की खराब स्थिति के कारण दुर्घटना होने पर जिम्मेदार कार्यदायी संस्था और ठेकेदार की जवाबदेही तय करने की व्यवस्था की गई है। यदि सड़क की खामी के चलते किसी व्यक्ति की मृत्यु या दिव्यांगता होती है, तो संबंधित संस्था या ठेकेदार पर 50 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
ओवरलोड वाहनों का चालान अब कोर्ट में
ओवरलोडिंग के मामलों में भी बड़ी व्यवस्था लागू होगी। प्रवर्तन अधिकारी वाहन का चालान कर सकेंगे, लेकिन मौके पर जुर्माना वसूलने का अधिकार नहीं रहेगा। ऐसे मामलों का निस्तारण न्यायालय के माध्यम से किया जाएगा।

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