यूपी में बनेंगे 2 सुपर हाईवे, इन जिलों के लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में सड़क कनेक्टिविटी को और मजबूत करने की दिशा में दो बड़े हाईवे प्रोजेक्ट तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। खास बात यह है कि इन दोनों मार्गों को सामान्य हाईवे की तरह नहीं, बल्कि एक्सप्रेसवे जैसी एक्सेस कंट्रोल व्यवस्था के साथ विकसित करने की तैयारी है। यानी रास्ते में अनधिकृत जगहों से वाहन या मवेशियों के प्रवेश की गुंजाइश नहीं होगी।

पहला हाईवे कानपुर को भोपाल से जोड़ेगा

पहली बड़ी परियोजना कानपुर-कबरई एक्सेस कंट्रोल्ड ग्रीनफील्ड हाईवे की है। करीब 117.7 किलोमीटर लंबा यह मार्ग कानपुर से शुरू होकर कानपुर देहात और हमीरपुर होते हुए कबरई-महोबा तक पहुंचेगा। आगे यह कॉरिडोर मध्य प्रदेश के छतरपुर, सागर और विदिशा के रास्ते भोपाल से जुड़ने की योजना का हिस्सा है। यूपी वाले हिस्से के निर्माण पर करीब 7,145.14 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इस परियोजना के निर्माण कार्य की दिशा में टेंडर इसी वित्तीय वर्ष में स्वीकृत किए जाने की तैयारी है। केंद्र सरकार की आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति पहले ही कानपुर-कबरई हाईवे को मंजूरी दे चुकी है।

दूसरा हाईवे यूपी के 18 जिलों को जोड़ेगा

दूसरी परियोजना पानीपत-शामली-गोरखपुर-सिलीगुड़ी हाईवे की है। यह एक बड़ा हाईस्पीड ग्रीनफील्ड कॉरिडोर होगा, जिसकी कुल लंबाई करीब 1,313 किलोमीटर बताई गई है। यूपी में इसका हिस्सा शामली से कुशीनगर तक करीब 745 किलोमीटर लंबा होगा। यह मार्ग प्रदेश के करीब 18 जिलों को आपस में जोड़ने वाला है। इस कॉरिडोर के लिए यूपी में एलाइनमेंट को मंजूरी मिल चुकी है और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट यानी डीपीआर को स्वीकृति के लिए भेजा गया है। इस हिस्से के निर्माण से जुड़े टेंडर को अगले वित्तीय वर्ष में मंजूरी मिलने की उम्मीद है।

एक्सप्रेसवे जैसा होगा सफर

दोनों परियोजनाओं की सबसे खास बात इनका एक्सेस कंट्रोल्ड होना है। इसका मतलब है कि वाहन केवल निर्धारित प्रवेश और निकास प्वाइंट से ही हाईवे पर आ-जा सकेंगे। बीच रास्ते से स्थानीय वाहन, पैदल यात्री या मवेशी हाईवे पर प्रवेश नहीं कर सकेंगे। इससे अचानक सामने आने वाले अवरोधों की संभावना कम होगी और यातायात अधिक व्यवस्थित तरीके से चल सकेगा।

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