पीपीपी मॉडल पर तैयार होंगे प्रीमियम बस स्टेशन
इन बस स्टेशनों को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत विकसित किया जाएगा। इन्हें प्रीमियम बस स्टेशन के रूप में तैयार करने की योजना है। यहां यात्रियों के लिए बेहतर सुविधाओं के साथ रिटेल स्टोर, फूड कोर्ट, होटल, ऑफिस स्पेस और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों की भी व्यवस्था हो सकती है। इन परियोजनाओं में 1,100 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश की संभावना जताई गई है। इससे बस यात्रियों को सुविधा मिलने के साथ संबंधित शहरों में व्यापार और रोजगार के अवसर भी बढ़ सकते हैं।
90 साल तक की लीज पर मिल सकेगा स्टेशन
परिवहन निगम के अनुसार, निवेशकों को इन परियोजनाओं के लिए बस स्टेशन की जमीन 90 वर्ष तक की लीज पर देने का प्रावधान है। इससे विकसित होने वाले स्टेशन सिर्फ बसों के आने-जाने की जगह नहीं रहेंगे, बल्कि आधुनिक ट्रांजिट-कमर्शियल हब के तौर पर भी विकसित किए जा सकेंगे।
इन 18 जिलों में होगा विकास
दूसरे चरण के तहत जिन बस स्टेशनों को आधुनिक बनाने की प्रक्रिया शुरू हुई है, उनमें अकबरपुर, अमेठी, बदायूं, भिगना, गोंडा, बलरामपुर, बस्ती, गोला, सिधौली, माती, उन्नाव, हैदरगढ़, नहटौर, सराय अकील, बादशाहपुर, तर्वा, पीलीभीत और निचलौल शामिल हैं।
आवेदन की तारीख बढ़ाई गई
पहले टेंडर जमा करने की अंतिम तारीख 10 अगस्त निर्धारित थी, जिसे बढ़ाकर अब 1 सितंबर 2026 कर दिया गया है। परियोजना से जुड़ी विस्तृत जानकारी परिवहन निगम की वेबसाइट और ई-टेंडर पोर्टल पर उपलब्ध कराई गई है।
.png)
0 comments:
Post a Comment