क्या है मखाना पोपिंग मशीन?
मखाना तैयार करने की पारंपरिक प्रक्रिया में काफी मेहनत और समय लगता है। काले रंग के कच्चे बीजों को भूनने और उनसे सफेद मखाना निकालने की प्रक्रिया लंबे समय तक हाथों से की जाती रही है। मशीन की मदद से यही काम कम समय में किया जा सकता है। इससे उत्पादन की प्रक्रिया तेज होती है और किसानों को अपनी उपज की प्रोसेसिंग के बाद बेहतर बाजार उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है।
छोटी मशीन पर 1.60 लाख अनुदान
योजना के तहत अलग-अलग क्षमता वाली मशीनों पर अलग-अलग दर से सहायता का प्रावधान है। 5 से 10 किलो प्रति घंटे क्षमता वाली मशीन पर सामान्य श्रेणी के लाभार्थियों को 70 प्रतिशत या अधिकतम 1.40 लाख रुपये तक अनुदान मिल सकता है। वहीं अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और महिला किसानों के लिए अनुदान की दर 80 प्रतिशत तक रखी गई है। इस श्रेणी में अधिकतम 1.60 लाख रुपये तक सहायता का प्रावधान बताया गया है।
बड़ी मशीन पर 5 लाख तक की सब्सिडी
योजना में अधिक क्षमता वाली मशीन को भी शामिल किया गया है। करीब 20 किलो प्रति घंटे क्षमता वाली बड़ी मशीन पर सामान्य वर्ग के लाभार्थियों को अधिकतम 4 लाख रुपये तक अनुदान मिल सकता है। वहीं SC, ST और महिला किसानों के लिए इस मशीन पर अधिकतम 5 लाख रुपये तक सहायता का प्रावधान है।
कैसे मिलेगा इस योजना का पूरा लाभ?
सब्सिडी का लाभ लेने के इच्छुक किसान और अन्य पात्र लोग अपने नजदीकी उद्यान विभाग कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं। वहां योजना की पात्रता, मशीन की क्षमता, आवेदन प्रक्रिया और जरूरी दस्तावेजों की जानकारी प्राप्त की जा सकती है।

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