दूसरे जिलों के शिक्षक करेंगे निगरानी
मॉनिटरिंग के लिए चयनित शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके बाद उन्हें अपने जिले से बाहर के स्कूलों में भेजा जाएगा। एक शिक्षक को एक दिन में करीब तीन स्कूलों का निरीक्षण करना होगा। निरीक्षण के दौरान यह देखा जाएगा कि कक्षा में शिक्षक क्या पढ़ा रहे हैं, किस तरीके से पढ़ा रहे हैं और विद्यार्थी पढ़ाई में कितनी भागीदारी कर रहे हैं। निरीक्षण की पूरी जानकारी डिजिटल डैशबोर्ड पर अपलोड की जाएगी।
बिना बताए होगा स्कूल का निरीक्षण
मॉनिटरिंग करने वाले शिक्षक जिस स्कूल में जाएंगे, इसकी जानकारी संबंधित विद्यालय को पहले से नहीं दी जाएगी। इससे कक्षा में पढ़ाई की वास्तविक स्थिति का आकलन करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
एक स्कूल की दो बार होगी जांच
व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के लिए काउंटर चेक भी किया जाएगा। एक शिक्षक के निरीक्षण के बाद उसी स्कूल में दूसरे शिक्षक को भेजकर दोबारा जांच कराई जाएगी। दोनों रिपोर्ट का मिलान किया जाएगा, ताकि किसी तरह की गड़बड़ी या गलत रिपोर्टिंग की संभावना कम हो।
नवंबर में तैयार होगा आईटी सिस्टम
शिक्षा मंत्री के अनुसार पूरी मॉनिटरिंग व्यवस्था एक विशेष आईटी सिस्टम के जरिए संचालित होगी। इसके लिए डैशबोर्ड तैयार किया जा रहा है। नवंबर तक सिस्टम तैयार होने के बाद मॉनिटरिंग शुरू करने की योजना है। इस व्यवस्था का उद्देश्य स्कूलों में पढ़ाई की गुणवत्ता पर लगातार नजर रखना और जरूरत के अनुसार सुधार करना है।
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