मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने एयरलाइंस द्वारा नियमों के पालन और हवाई किराए को लेकर भी कड़ा रुख अपनाया। अदालत ने साफ कहा कि यदि कोई एयरलाइन सरकारी निर्देशों का पालन नहीं करती है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सकती है।
तीन सप्ताह में तैयार होंगे नए नियम
केंद्र की ओर से सुप्रीम कोर्ट को बताया गया कि नए नियमों का मसौदा तैयार है और कुछ मुद्दों पर अंतिम स्तर पर विचार-विमर्श चल रहा है। सरकार ने भरोसा दिया कि करीब तीन सप्ताह के भीतर नियमों को अंतिम रूप दे दिया जाएगा। मसौदा अदालत के सामने भी रखा गया। हालांकि, पीठ ने केंद्र को मामले में और देरी नहीं करने की हिदायत दी। अदालत ने यात्रियों के हित से जुड़े नियमों को प्रभावी तरीके से लागू करने पर जोर दिया।
नियम तोड़े तो होगी सख्ती
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने एयरलाइंस को लेकर बेहद सख्त टिप्पणी की। पीठ ने कहा कि अगर विमानन कंपनियां लागू नियमों का पालन नहीं करती हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए और जरूरत पड़ने पर उड़ानों को ग्राउंडेड भी किया जा सकता है। अदालत ने पुराने नियमों को भी प्रभावी तरीके से लागू करने की बात कही। इससे संकेत मिल रहा है कि यात्रियों से जुड़े नियमों की अनदेखी अब एयरलाइंस के लिए भारी पड़ सकती है।
हवाई किराए पर भी सवाल
सुनवाई में हवाई टिकट की कीमतों में होने वाले उतार-चढ़ाव का मुद्दा भी सामने आया। याचिकाकर्ता की ओर से दलील दी गई कि यात्रियों को कई बार किराए में भारी अंतर का सामना करना पड़ता है और इस क्षेत्र में प्रभावी नियमन की जरूरत है। याचिकाकर्ता ने विमानन क्षेत्र के लिए स्वतंत्र नियामक बनाने की मांग भी उठाई। उनका तर्क है कि एयरलाइंस के किराए और दूसरे शुल्कों पर पारदर्शी व्यवस्था के लिए एक मजबूत नियामक तंत्र जरूरी है।

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