LPG सिलेंडर की अब नहीं होगी कोई कमी, केंद्र सरकार ने दी बड़ी खुशखबरी!

नई दिल्ली। देश में एलपीजी की सप्लाई को मजबूत करने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रहे तनाव और आयात में आने वाली दिक्कतों को देखते हुए सरकार ने पहली बार सरकारी और निजी कंपनियों के लिए एलपीजी उत्पादन का लक्ष्य तय किया है। इसका उद्देश्य घरेलू बाजार में गैस की उपलब्धता बनाए रखना और भविष्य में किसी भी आपूर्ति संकट से निपटना है।

21 कंपनियों को दिया गया उत्पादन लक्ष्य

पेट्रोलियम मंत्रालय की ओर से जारी आदेश के अनुसार, देश की 21 रिफाइनरियों और कंपनियों को एलपीजी उत्पादन बढ़ाने के लिए लक्ष्य दिया गया है। सभी कंपनियों को मिलाकर प्रतिदिन करीब 62,810 टन एलपीजी उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है। इस व्यवस्था में सबसे बड़ी जिम्मेदारी रिलायंस इंडस्ट्रीज को दी गई है। कंपनी को प्रतिदिन 18,000 टन एलपीजी उत्पादन का लक्ष्य दिया गया है। वहीं नायरा एनर्जी के लिए 4,480 टन तथा ओएनजीसी और गेल जैसी कंपनियों के लिए कुल 6,460 टन प्रतिदिन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

विदेशों से आयात पर निर्भरता बड़ी चुनौती

भारत में एलपीजी की खपत काफी अधिक है और घरेलू उत्पादन से पूरी जरूरत पूरी नहीं होती। ऐसे में बड़ी मात्रा में एलपीजी दूसरे देशों से आयात करनी पड़ती है। पश्चिम एशिया में तनाव और समुद्री मार्गों पर असर पड़ने से आयात व्यवस्था प्रभावित हुई है। इसी अनुभव को देखते हुए सरकार घरेलू उत्पादन की क्षमता बढ़ाने पर जोर दे रही है, ताकि विदेशों से आने वाली सप्लाई में परेशानी होने पर भी देश में सिलेंडर की उपलब्धता बनी रहे।

कंपनियों को स्टोरेज और सप्लाई भी मजबूत करनी होगी

सरकार का फोकस केवल उत्पादन बढ़ाने तक सीमित नहीं है। कंपनियों को एलपीजी के भंडारण, परिवहन और वितरण से जुड़ी व्यवस्थाओं को भी मजबूत रखने के लिए कहा गया है। जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त उत्पादन को तेजी से बाजार तक पहुंचाने की व्यवस्था तैयार रखने पर जोर है।

एलपीजी उत्पादन के तय लक्ष्यों की सरकार समय-समय पर समीक्षा करेगी। नई रिफाइनरी, तेल-गैस क्षेत्रों के विकास या तकनीकी बदलाव से यदि उत्पादन क्षमता बढ़ती है तो उसे भी भविष्य की योजना में शामिल किया जाएगा। सरकार के इस कदम का मुख्य उद्देश्य यही है कि भविष्य में अंतरराष्ट्रीय संकट या आयात में रुकावट आने पर घरेलू उपभोक्ताओं को एलपीजी की कमी, रिफिल की पाबंदी या सप्लाई में बड़ी बाधा का सामना न करना पड़े।

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