500 करोड़ से ज्यादा का निवेश संभव
सरकारी जमीन मिलने के बाद वारिसलीगंज चीनी मिल परियोजना से जुड़ी अगली तैयारियों का रास्ता खुल गया है। प्रस्तावित मिल में 500 करोड़ रुपये से अधिक निवेश होने की संभावना है। इसका लाभ नवादा के अलावा नालंदा, शेखपुरा और जमुई के किसानों को भी मिलने की उम्मीद है।
किसानों को मिल सकता है फायदा
चीनी मिल शुरू होने पर आसपास के किसानों को गन्ना बेचने के लिए स्थानीय बाजार उपलब्ध हो सकता है। इससे क्षेत्र में गन्ने की खेती को प्रोत्साहन मिलने के साथ परिवहन और कृषि से जुड़े कारोबार में भी गतिविधियां बढ़ सकती हैं।
रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद
मिल की स्थापना से सीधे रोजगार के साथ गन्ने की खरीद, ढुलाई और अन्य संबंधित कार्यों में अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर बनने की संभावना है। हालांकि, रोजगार और किसानों पर वास्तविक असर मिल के निर्माण तथा संचालन शुरू होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
अब जमीन हस्तांतरण की मंजूरी के बाद परियोजना से जुड़ी आगे की प्रक्रियाओं पर काम बढ़ेगा। लोगों की नजर अब निर्माण शुरू होने और मिल के संचालन की तारीख पर रहेगी।

0 comments:
Post a Comment