बिहार में बिजली चोरों की खैर नहीं! चोरी पकड़ी गई तो लगेगा 10 लाख तक का जुर्माना

न्यूज डेस्क। बिहार में बिजली से जुड़े नियमों को लेकर अब सख्ती बढ़ा दी गई है। बिजली के पोल, तार, मीटर या दूसरी विद्युत संपत्तियों को नुकसान पहुंचाना लोगों को महंगा पड़ सकता है। जन विश्वास अधिनियम, 2026 के तहत विद्युत अधिनियम में किए गए संशोधनों के बाद जुर्माने के प्रावधानों को लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।

अधिकारियों को दिए गए सख्त निर्देश

मुजफ्फरपुर सर्कल के विद्युत अधीक्षण अभियंता पंकज राजेश ने जिले के सभी पांच विद्युत सब-डिवीजनों के कार्यपालक अभियंताओं को नए प्रावधानों का कड़ाई से पालन कराने के निर्देश दिए हैं। मुजफ्फरपुर पूर्वी विद्युत आपूर्ति प्रमंडल की ओर से भी कनीय अभियंताओं को संशोधित नियमों के अनुसार कार्रवाई करने को कहा गया है।

लापरवाही से नुकसान पर भी जुर्माना

संशोधित प्रावधानों के मुताबिक विद्युत सामग्री को लापरवाही से क्षतिग्रस्त करने पर 5 हजार से 1 लाख रुपये तक का दंड लगाया जा सकता है। वहीं जानबूझकर विद्युत संपत्ति को नुकसान पहुंचाने पर भी 1 लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान बताया गया है।

आदेश नहीं माना तो बढ़ेगा दंड

विद्युत आयोग के निर्देशों का उल्लंघन करने पर भी अब भारी जुर्माना लग सकता है। ऐसे मामलों में अधिकतम 10 लाख रुपये तक की पेनल्टी का प्रावधान है। उल्लंघन जारी रहने पर हर दिन 1 हजार से 10 हजार रुपये तक अतिरिक्त जुर्माना भी लगाया जा सकता है।

जेल की जगह जुर्माने पर जोर

संशोधित धारा 146 के तहत कारावास के प्रावधान को हटाकर 10 हजार से 10 लाख रुपये तक जुर्माने की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा औद्योगिक, व्यावसायिक और कृषि उपभोक्ताओं के लिए शमन राशि की दरों में भी बदलाव किया गया है। इन नए प्रावधानों का उद्देश्य विद्युत व्यवस्था से जुड़ी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने और नियमों की अनदेखी पर आर्थिक दंड के जरिए जवाबदेही तय करना है।

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