ये 5 प्रमुख पहल हुईं शुरू
राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (NHA) की ओर से नेशनल हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स रजिस्ट्री (NHPR) मोबाइल ऐप, नेशनल हेल्थ क्लेम्स एक्सचेंज (NHCX) की इंप्लीमेंटेशन गाइड, मॉडल डिजिटल हेल्थ सेंटर की गाइडबुक, सिक्योर डेटा एनवायरनमेंट (SDE) और आयुष्मान भारत के बीमा दावों के ऑटोमेटेड निपटारे के लिए नया फ्रेमवर्क लॉन्च किया गया है।
SDE को भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc), बेंगलुरु के सहयोग से तैयार किया गया है। इसके जरिए अधिकृत संस्थाओं को स्वास्थ्य डेटा का नियंत्रित और सुरक्षित विश्लेषण करने की सुविधा मिलेगी। डेटा से प्राप्त निष्कर्षों को जांच के बाद ही सार्वजनिक किया जाएगा। इससे मरीजों की गोपनीयता बनाए रखते हुए रिसर्च, सरकारी योजनाओं की योजना और AI आधारित स्वास्थ्य समाधानों को बढ़ावा देने का रास्ता खुलेगा।
वहीं ऑटोमेटेड क्लेम फ्रेमवर्क से आयुष्मान भारत के तहत आने वाले बीमा दावों की प्रक्रिया को तकनीक और डेटा एनालिटिक्स के जरिए तेज करने का प्रयास किया जाएगा। NHCX गाइड अस्पतालों और बीमा कंपनियों के बीच डिजिटल क्लेम प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने में मदद करेगी।
डिजिटल हेल्थ नेटवर्क होगा मजबूत
NHPR ऐप और मॉडल डिजिटल हेल्थ सेंटर की गाइडबुक का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं को डिजिटल नेटवर्क से जोड़ना और देश में डिजिटल स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करना है। सरकार के अनुसार आयुष्मान भारत योजना से अब तक 60 करोड़ से अधिक लाभार्थी जुड़ चुके हैं और 13 करोड़ से ज्यादा अस्पताल भर्ती के मामलों में 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक का उपचार कराया जा चुका है।
आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत भी 97.8 करोड़ से अधिक ABHA अकाउंट बनाए जा चुके हैं और 121 करोड़ से ज्यादा हेल्थ रिकॉर्ड जोड़े गए हैं। सरकार का कहना है कि नई डिजिटल पहलों से स्वास्थ्य सेवाओं में डेटा का सुरक्षित इस्तेमाल, बेहतर समन्वय और मरीजों तक सुविधाओं की पहुंच को और मजबूत करने में मदद मिलेगी।

0 comments:
Post a Comment