वीरपुर से दो दिशाओं में बनेगी सड़क
प्रस्तावित सड़क का एक हिस्सा पूर्वी तटबंध पर करीब 124 किलोमीटर और दूसरा हिस्सा पश्चिमी तटबंध पर लगभग 230 किलोमीटर लंबा होगा। पूर्वी तरफ वीरपुर से बसंतपुर, सरायगढ़, किशनपुर, नौहट्टा, महिषी और सिमरी बख्तियारपुर होते हुए कोपड़िया तक सड़क बनाने की योजना बताई गई है। वहीं पश्चिमी हिस्से में वीरपुर से भारदा, कुनौली, घोघरडीहा, मरौना, किरतपुर, अलौली, चौथम, नवगछिया होते हुए कुरसेला तक कनेक्टिविटी विकसित करने का प्रस्ताव है।
8 जिलों को मिलेगा सीधा फायदा
इस प्रोजेक्ट से सुपौल, मधेपुरा, भागलपुर, मधुबनी, दरभंगा, कटिहार और खगड़िया समेत संबंधित इलाकों को बेहतर सड़क संपर्क मिलने की उम्मीद है। नदी के किनारे सड़क बनने से ग्रामीण क्षेत्रों को नजदीकी शहरों और प्रमुख बाजारों तक पहुंचने में भी सुविधा हो सकती है।
बाढ़ के समय भी मिल सकती है राहत
कोसी नदी के कारण हर साल कई इलाकों में बाढ़ की स्थिति बनती है। तटबंध के साथ विकसित होने वाली सड़क को आवागमन के साथ आपदा प्रबंधन के लिहाज से भी उपयोगी माना जा रहा है। इससे बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों और राहत सामग्री की आवाजाही आसान हो सकती है।
कई बड़े हाईवे से जुड़ेगा नेटवर्क
प्रस्तावित फोरलेन सड़क को कई राष्ट्रीय राजमार्गों से जोड़ने की योजना है। इससे क्षेत्रीय कनेक्टिविटी बेहतर होने के साथ बड़े शहरों और व्यापारिक केंद्रों तक पहुंच आसान हो सकती है। इसे गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे से जोड़ने की भी योजना बताई गई है। करीब 354 किलोमीटर का यह प्रस्तावित प्रोजेक्ट कोसी क्षेत्र में सड़क संपर्क और बाढ़ प्रबंधन दोनों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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