पानी-पानी होगा यूपी! इन 35 जिलों में बारिश का रेड अलर्ट

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में एक बार फिर मानसून सक्रिय हो गया है। बंगाल की खाड़ी में बने मौसम तंत्र और पश्चिमी विक्षोभ के असर से प्रदेश के कई हिस्सों में लगातार बारिश हो रही है। लखनऊ समेत तराई और पूर्वांचल के कई जिलों में पिछले करीब 36 घंटे से जारी बारिश के कारण सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है।

मौसम विभाग ने शनिवार को प्रदेश के 35 से ज्यादा जिलों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। कई इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और आकाशीय बिजली गिरने की भी आशंका है।

लखनऊ में सितंबर का ठंडा दिन

लगातार बारिश के चलते प्रदेश के ज्यादातर इलाकों में तापमान तेजी से गिरा है। लखनऊ में 25 सितंबर को अधिकतम तापमान 23.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस तारीख के लिए बेहद कम रहा। शुक्रवार शाम तक राजधानी में 86.6 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। बाराबंकी में अधिकतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस रहा और ठंडी हवाओं के कारण मौसम का मिजाज नवंबर जैसा महसूस हुआ।

इन जिलों में बारिश के आसार

यूपी के श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, रामपुर, बरेली, पीलीभीत और शाहजहांपुर में अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी है। वहीं बस्ती, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, हरदोई, लखनऊ, बाराबंकी, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, संभल और बदायूं में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के मुताबिक रविवार तक बारिश का असर बना रह सकता है, जबकि सोमवार से राहत मिलने की संभावना है।

किसानों की बढ़ी चिंता

लगातार बारिश और तेज हवाओं ने किसानों की मुश्किलें भी बढ़ा दी हैं। तिल, ज्वार, बाजरा, उड़द और मूंग जैसी फसलों को नुकसान की आशंका है। कई जगह धान की अगेती फसल गिर गई है। जलभराव से लौकी, कद्दू, तरोई और करेला जैसी सब्जियों की फसलें भी प्रभावित हुई हैं।

बारिश के कारण तोरिया की बोआई भी पिछड़ रही है। वहीं तेज हवा से ज्वार-बाजरा के पौधों को नुकसान पहुंचा है। किसानों को अब मौसम साफ होने का इंतजार है, ताकि खेतों में जमा पानी निकलने के बाद आगे की खेती का काम शुरू किया जा सके।

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