पंचायत प्रतिनिधियों की ली जाएगी मदद
अधिकारियों से कहा गया है कि मुखिया, सरपंच, वार्ड सदस्य और पंचों के साथ बैठक कर ऐसे मामलों की पहचान की जाए, जिनमें जमाबंदी धारक की मृत्यु हो चुकी है। इसके बाद उनके वैध उत्तराधिकारियों का नाम रिकॉर्ड में दर्ज कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। राजस्व कर्मचारियों को नियमित रूप से मौजा में जाकर जमाबंदी और उत्तराधिकार से संबंधित मामलों की जांच करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
पुराने मामलों पर भी होगी सख्ती
पटना में हुई समीक्षा बैठक में RCMS पोर्टल पर दर्ज न्यायालयीन मामलों की भी समीक्षा की गई। सचिव ने एक साल से ज्यादा समय से लंबित मामलों के जल्द निपटारे का निर्देश दिया। विभाग ने साफ किया है कि अगली समीक्षा तक पुराने मामलों का लंबित रहना स्वीकार नहीं किया जाएगा।
11 जिलों के 22 अंचलों में औचक जांच
अभियान की जमीनी स्थिति जानने के लिए विभागीय अधिकारियों की टीम ने 11 जिलों के 22 अंचल कार्यालयों का अचानक निरीक्षण किया। इस दौरान ऑनलाइन राजस्व सेवाओं, अभिलेखागार और अभियान बसेरा से जुड़े कार्यों की प्रगति देखी गई।
वहीं, राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने अधिकारियों को अभियान की सुबह-शाम निगरानी करने और लंबित मामलों पर तेजी से कार्रवाई करने को कहा है। सरकार का जोर तय समय में जमीन से जुड़े रिकॉर्ड और नामांतरण के मामलों को निपटाने पर है।

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