यूपी सरकार का फैसला, किसानों और युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी!

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में किसानों और युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए मधुमक्खी पालन को बढ़ावा दिया जा रहा है। उद्यान विभाग की इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाने के साथ किसानों की अतिरिक्त आमदनी को मजबूत करना है। खेती के साथ मधुमक्खी पालन शुरू करके किसान शहद उत्पादन से कमाई कर सकते हैं।

इसके लिए प्रदेश के तीन केंद्रों पर 90 दिन का विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम चल रहा है। फिलहाल 76 प्रशिक्षणार्थी मधुमक्खी पालन की आधुनिक तकनीक सीख रहे हैं। इनमें बस्ती के औद्यानिक प्रयोग एवं प्रशिक्षण केंद्र में 15, सहारनपुर में 29 और प्रयागराज के राजकीय मौनपालन प्रशिक्षण केंद्र में 32 प्रशिक्षणार्थी शामिल हैं। यह प्रशिक्षण 15 दिसंबर तक चलेगा।

40 प्रतिशत तक मिलेगा अनुदान

सरकार की योजना के तहत मधुमक्खी पालन की इकाई स्थापित करने के लिए लाभार्थियों को लागत का 40 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है। खास बात यह है कि लाभार्थी को पूरी यूनिट उपलब्ध कराई जाती है। इसमें 50 मधुमक्खी कालोनियां, मधुमक्खी रखने के बक्से और शहद निकालने व उसके रखरखाव से जुड़े जरूरी उपकरण शामिल हैं।

मधुमक्खी पालन से केवल शहद की बिक्री के जरिए ही आमदनी नहीं होगी, बल्कि इसके सह-उत्पादों से भी कमाई का अवसर मिलेगा। वहीं खेतों में मधुमक्खियों की मौजूदगी से परागण बेहतर होता है, जिससे कई फसलों और फलदार पौधों की उत्पादकता बढ़ने में मदद मिल सकती है। इस तरह योजना किसानों के लिए अतिरिक्त आय और युवाओं के लिए स्वरोजगार का रास्ता खोल रही है।

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