28 जिलों पर रहेगा फोकस
यूपी-एज परियोजना में पूर्वांचल के 28 जिलों को शामिल किया गया है। इसके अलावा बुंदेलखंड के सात जिलों को भी योजना में जोड़ने की संभावना है। सरकार का लक्ष्य स्थानीय संसाधनों और कारोबारी क्षमता को बड़े निवेश, रोजगार और निर्यात के अवसरों में बदलना है।
पूर्वांचल में राज्य की करीब 40 प्रतिशत आबादी रहती है, लेकिन जीडीपी में क्षेत्र की हिस्सेदारी 27.6 प्रतिशत बताई गई है। प्रति व्यक्ति आय भी राज्य के औसत से लगभग 45 प्रतिशत कम है।
खेती के साथ उद्योग और सेवा क्षेत्र
परियोजना के तहत हर जिले की स्थानीय जरूरत और उपलब्ध संसाधनों के हिसाब से अलग विकास योजना तैयार की जाएगी। कृषि के साथ उद्योग और सेवा क्षेत्र को मजबूत करने पर विशेष ध्यान रहेगा। स्थानीय उत्पादों की बेहतर पैकेजिंग और डिजाइन के जरिए उन्हें देश-विदेश के बाजारों तक पहुंचाने की योजना है।
एक लाख नए कारोबार का प्रस्ताव
यूपी-एज के तहत करीब एक लाख नए कारोबार शुरू कराने और महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने का प्रस्ताव रखा गया है। ओडीओपी उत्पादों को नए बाजारों से जोड़ने के साथ पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य, ई-कॉमर्स, डेटा सेंटर और डिजिटल सेवाओं में भी संभावनाएं तलाशने की तैयारी है।
पॉलीहाउस और कौशल विकास पर भी फोकस
वाराणसी, गोरखपुर और प्रयागराज में कौशल प्रशिक्षण को बढ़ाने की योजना है। स्वास्थ्य क्षेत्र में मेडिसिटी और हेल्थ टूरिज्म को बढ़ावा देने के साथ कृषि उत्पादों की प्रोसेसिंग पर भी जोर रहेगा। इसके अलावा करीब 10 हजार पॉलीहाउस बनाने का प्रस्ताव है। सरकार का उद्देश्य जिलेवार निवेश को बढ़ाकर स्थानीय स्तर पर रोजगार और कारोबार के नए अवसर तैयार करना है।

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