मुख्यमंत्री ने कोसी क्षेत्र के शुरुआती करीब 100 किलोमीटर के संवेदनशील हिस्से में डबल शीट पाइलिंग की जरूरत पर भी जोर दिया। इसके अलावा बाढ़ के स्थायी समाधान के लिए दीर्घकालिक योजना बनाने और नदी से निकलने वाली गाद के प्रबंधन पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है।
कई योजनाओं की हुई समीक्षा
बैठक में गंगा, गंडक और कोसी नदी से जुड़ी परियोजनाओं के अलावा बक्सर-भागलपुर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे, पीरपैंती पावर प्लांट और पीएम कुसुम योजना की प्रगति की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने सरकारी नलकूपों को सौर ऊर्जा से संचालित करने के काम में भी तेजी लाने का निर्देश दिया।
कोसी क्षेत्र में बाढ़ के खतरे को कम करने के लिए बहु-जिला नदी गलियारा विकसित करने, नए बैराज की दिशा में आवश्यक कार्रवाई करने और गाद प्रबंधन पर काम बढ़ाने को कहा गया है। वहीं गंडक नदी के तटबंधों पर सोलर प्लांट लगाने की संभावनाओं पर भी काम करने के निर्देश दिए गए।
एक्सप्रेसवे परियोजनाओं में भी तेजी
पथ निर्माण विभाग की समीक्षा के दौरान बक्सर-भागलपुर सिक्स लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे की प्रगति पर भी चर्चा हुई। परियोजना की कुल लंबाई करीब 348 किलोमीटर है, जिसमें अधिकांश हिस्सा बिहार में और कुछ हिस्सा उत्तर प्रदेश में आता है।
इसके साथ ही गंगा अंबिका पथ, नारायणी पथ और विश्वामित्र पथ जैसी परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्माण कार्यों में तेजी लाने और तय समयसीमा के भीतर परियोजनाएं पूरी करने के निर्देश दिए हैं।

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