चार साल तक मिल सकती है मदद
बिहार में अगस्त 2026 से मुख्यमंत्री बालिका पीएचडी फेलोशिप योजना संचालित है। इसके तहत हर साल करीब 1,000 छात्राओं का चयन किया जाता है। चयनित छात्राओं को अधिकतम चार साल तक 10,000 रुपये प्रति माह दिए जाते हैं। यानी पूरी अवधि में एक छात्रा को कुल 4.8 लाख रुपये की सहायता मिलती है। अब इसी तर्ज पर पीएचडी करने वाले छात्रों के लिए भी योजना तैयार करने पर काम चल रहा है।
अभी नियम तय करने की प्रक्रिया
छात्रों को योजना में शामिल करने का सुझाव बिहार लोकभवन की ओर से शिक्षा विभाग को दिया गया था। विभाग ने इस सुझाव पर काम शुरू कर दिया है। फिलहाल पात्रता, चयन प्रक्रिया और हर साल कितने छात्रों को लाभ दिया जाएगा, जैसे बिंदुओं पर नियम तैयार किए जा रहे हैं। सरकार की मंजूरी मिलने के बाद योजना की आधिकारिक घोषणा की जाएगी और इसके बाद आवेदन प्रक्रिया शुरू हो सकती है।
रिसर्च पर ध्यान देने में मिलेगी मदद
पीएचडी की पढ़ाई कई वर्षों तक चलती है और इस दौरान शोध से जुड़े खर्च भी होते हैं। अगर छात्रों को नियमित आर्थिक सहायता मिलती है तो उन्हें अपनी पढ़ाई जारी रखने में मदद मिल सकती है। सरकार की योजना का उद्देश्य आर्थिक कारणों से प्रतिभाशाली छात्रों की रिसर्च बीच में रुकने की संभावना को कम करना है।

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