6.6 हेक्टेयर जमीन का होगा अधिग्रहण
नई रेल लाइन के निर्माण के लिए करीब 6.6 हेक्टेयर जमीन की जरूरत होगी। इसके लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया नवंबर से शुरू होने की जानकारी है। राजस्व विभाग और रेलवे प्रशासन की ओर से सर्वे का काम पूरा कर नोटिफिकेशन तैयार कर लिया गया है। इससे जमीन अधिग्रहण, मुआवजा और हस्तांतरण की प्रक्रिया आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।
ट्रेनों के संचालन में होगी आसानी
बख्तियारपुर-फतुहा रेलखंड पर फिलहाल ट्रेनों का दबाव अधिक रहने के कारण कई बार एक्सप्रेस और पैसेंजर ट्रेनों को सिग्नल पर इंतजार करना पड़ता है। तीसरी और चौथी लाइन बनने के बाद रेल यातायात को व्यवस्थित करने में मदद मिलेगी। मालगाड़ियों और यात्री ट्रेनों के संचालन के लिए अतिरिक्त ट्रैक उपलब्ध हो सकेंगे।
बढ़ सकती है ट्रेनों की संख्या
नई रेल लाइन बनने से पटना-बख्तियारपुर-मोकामा रूट पर ट्रेनों के संचालन की क्षमता बढ़ाने में मदद मिल सकती है। यह परियोजना डीडीयू-पटना-झाझा रेलखंड पर चल रहे तीसरी-चौथी लाइन विस्तार का हिस्सा है। इससे पटना से डीडीयू और पटना-हावड़ा मुख्य रेल मार्ग पर ट्रैफिक का दबाव कम करने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।

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