PM मोदी ने दिया तोहफा, महिलाओं के लिए बड़ी खुशखबरी

नई दिल्ली। शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने नए कार्यालय ‘सेवा तीर्थ’ के उद्घाटन के साथ ही महिला सशक्तिकरण को नई दिशा देने वाला महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। कार्यभार संभालते ही उन्होंने ‘लखपति दीदी’ अभियान के लक्ष्य को दोगुना करने की घोषणा कर देशभर की महिलाओं को बड़ी सौगात दी है। यह कदम केवल एक सरकारी योजना का विस्तार नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था में महिलाओं की निर्णायक भागीदारी को मजबूत करने की दिशा में ठोस पहल है।

नारी शक्ति को आर्थिक मजबूती

‘लखपति दीदी’ पहल का मूल उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना है। स्वयं सहायता समूहों (SHG) से जुड़ी महिलाओं को वित्तीय सहयोग, बैंक ऋण की आसान उपलब्धता, आधुनिक कौशल प्रशिक्षण और विपणन सहायता देकर उनकी आय बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। पहले जहां 3 करोड़ महिलाओं को वार्षिक एक लाख रुपये या उससे अधिक आय अर्जित करने में सक्षम बनाया गया, अब इस लक्ष्य को बढ़ाकर 6 करोड़ कर दिया गया है। यह लक्ष्य मार्च 2029 तक पूरा करने का संकल्प लिया गया है।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था में बदलाव

ग्रामीण भारत में महिलाएं लंबे समय से कृषि, पशुपालन, हस्तशिल्प और लघु उद्योगों में योगदान देती रही हैं, लेकिन उन्हें अक्सर उचित बाजार और संसाधनों की कमी का सामना करना पड़ता है। इस योजना के तहत उन्हें डिजिटल लेनदेन, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और ई-कॉमर्स से जोड़ने की भी व्यवस्था की जा रही है। इससे न केवल उनकी आय में वृद्धि होगी, बल्कि गांव स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।

आत्मनिर्भर भारत की ओर कदम

‘लखपति दीदी’ का विस्तारित लक्ष्य आत्मनिर्भर भारत की अवधारणा को मजबूती देता है। जब महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त होंगी, तो परिवार की शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। इससे सामाजिक विकास की गति भी तेज होगी। यह पहल महिला नेतृत्व को प्रोत्साहित कर उन्हें निर्णय लेने की प्रक्रिया में भी सशक्त बनाएगी।

भविष्य की क्या है दिशा?

सरकार का यह निर्णय स्पष्ट संकेत देता है कि विकास की धारा में महिलाओं की भागीदारी को केंद्र में रखा जा रहा है। यदि निर्धारित समय सीमा में 6 करोड़ महिलाएं लखपति बनती हैं, तो यह दुनिया के सामने महिला-नेतृत्व वाले विकास मॉडल का मजबूत उदाहरण होगा।

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